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बिहार के सिवान ज़िले में 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के समूह की ओर एके-47 राइफ़ल तानने का एक वीडियो वायरल है.
इस वीडियो को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ियां तेज़ हो गई हैं. वहीं बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इसे पुलिस का स्टूडेंट्स पर एके-47 से फ़ायरिंग का देश का पहला मामला बताया है.
इस मामले पर सिवान के एसपी पूरण झा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की संवाददाता सीटू तिवारी से पुष्टि की है कि बिहार पुलिस के एसआईटी के जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है.
एसपी पूरण झा ने बताया कि हवा में तीन गोलियां फ़ायर की गई थीं और इन गोलियों से कोई घायल नहीं हुआ था.
बीबीसी संवाददाता सीटू तिवारी ने बताया है कि 25 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान सिवान में तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगी थी और 25 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया था. घायल तीनों प्रदर्शनकारी ख़तरे से बाहर हैं.
नीट पेपर लीक के बाद बीते एक महीने से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद शनिवार को ख़त्म हो गया.
20 जुलाई को सीजेपी के संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज के बाद ये आंदोलन देश के कई हिस्सों में फैल गया था.
सिवान के वीडियो पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि देश में किसी भी छात्र प्रदर्शन में पुलिस मैनुअल का उल्लंघन कर एके-47 से गोली चलाने का यह पहला मामला है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पूरा सिस्टम स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ जानलेवा तरीक़े से खड़ा है.
वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी “विरोध प्रदर्शन का निर्माण करने” और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें बिहार पुलिस का जवान प्रदर्शनकारी भीड़ की ओर एके-47 राइफ़ल ताने दिख रहा है. इस वीडियो में एक गोली चलने की आवाज़ भी आ रही है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से भी बिहार पुलिस ने वीडियो की पुष्टि की है. रॉयटर्स ने बताया है कि बुलेटप्रूफ़ जैकेट और हेलमेट पहने पुलिसकर्मी को भीड़ की ओर एके-47 राइफ़ल लेकर भागते देखा जा सकता है और हवा में कम से कम तीन गोलियां चलाई गईं.
रॉयटर्स से बिहार पुलिस के डीआईजी नीलेश कुमार ने कहा है कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ और पुलिस कॉन्स्टेबल इंटेलिजेंस यूनिट का हिस्सा थे जो कि ‘हार्ड कोर अपराधियों से निपटती है’, जिन्हें असॉल्ट राइफ़ल जारी की गई थी.
डीआईजी नीलेश कुमार ने रॉयटर्स को बताया, “कॉन्स्टेबल ने एके-47 का ग़लत इस्तेमाल किया. इसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता.”
“उसने इसका ग़लत इस्तेमाल किया, क्योंकि वे स्टूडेंट्स थे. ऐसा करने की कोई ज़रूरत नहीं थी, इसीलिए उसे सस्पेंड कर दिया गया है. उसके ख़िलाफ़ हर तरह की कार्रवाई की जाएगी.”
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
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एके-47 राइफ़ल के वायरल वीडियो पर बिहार से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया आ रही है.
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि ये स्टूडेंट्स पर एके-47 से पुलिस फ़ायरिंग का पहला मामला है.
एक्स पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए उन्होंने लिखा, “देखिए कैसे बिहार में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मी एके-47 से गोली चला रहा है? संपूर्ण देश में किसी भी छात्र प्रदर्शन में पुलिस मैनुअल का उल्लंघन कर एके-47 से गोली चलाने का यह प्रथम मामला है.”
“लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है. अगर यही परिपाटी बनी तो आगे से प्रदर्शन करने वाले वकीलों पर, डॉक्टर्स पर, शिक्षकों पर, जजों पर, हक-अधिकार के लिए लड़ रहे छात्रों-युवाओं, महिलाओं और किसानों पर भी क्या बीजेपी सरकारें एके-47 से गोलियां चलवाएंगी?”
“कल को कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी नेता, मंत्री, मुख्यमंत्री पर भी कभी भी कहीं भी अकारण गोली चला सकता है? क्या ऐसे मामलों में सिर्फ़ गोली चलाने वाला ही दोषी होगा? उस ज़िले के एसपी और उच्च अधिकारियों को अविलंब सस्पेंड करना चाहिए? गृहमंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए अन्यथा प्रदेश में अराजक स्थिति उत्पन्न हो जाएगी? अपराधी प्रवृति के व्यक्ति को जनता ने बिहार का मुख्यमंत्री नहीं चुना था. यह इलेक्टेड नहीं सिलेक्टेड सीएम हैं.”
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “यह हमारे लोकतंत्र के इतिहास में सबसे बड़े हमलों में से एक है. इससे पहले कभी भी स्टूडेंट्स को अपनी आवाज़ उठाने पर पीटा, घसीटा और उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव नहीं किया गया था.”
“बिहार में, रिपोर्ट्स से पता चलता है कि स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ एके-47 का इस्तेमाल किया गया. जो लोग ज़िम्मेदार हैं, वे अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते.”
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “पूरा सिस्टम स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ जानलेवा है. ख़बरें आ रही हैं कि बिहार में प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स पर एके-47 चलाई गई हैं, और सैकड़ों लोगों को अरेस्ट करके उन पर एफ़आईआर दर्ज की गई हैं.”
उन्होंने कहा, “मोदी जी, आपके उस वादे का क्या हुआ कि स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ कोई एफ़आईआर दर्ज नहीं होगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? इसके बजाय उन पर जानलेवा हमले किए जा रहे हैं और उनके साथ बर्बरता की जा रही है.”
उन्होंने कहा, “दिल्ली में स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और बिहार में एके-47 का. उत्तर प्रदेश हो, पश्चिम बंगाल, बिहार या दिल्ली, हर जगह एक जैसा ही पैटर्न देखने को मिल रहा है.”
राहुल गांधी ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि यह सरकार बेईमान है. इसके बस की बात नहीं है कि यह सुधार कर सके. यह अपने वादों से मुकर जाएगी और स्टूडेंट्स की आवाज़ दबाने के लिए हर तरीक़ा अपनाएगी.”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से देश के स्टूडेंट्स से माफ़ी मांगने और उन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की, जिन्होंने स्टूडेंट्स पर हमला किया और उनके साथ बर्बरता की.
बीजेपी ने राहुल गांधी पर लगाया आरोप
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बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि यह “बहुत शर्म की बात” है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता ने “बेहद ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार” किया है.
संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया और कहा कि स्टूडेंट प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने एके-47 का इस्तेमाल किया. भारत में विपक्ष के नेता जैसे पद पर बैठे व्यक्ति का इस तरह की झूठी बातें फैलाना पूरी तरह निंदनीय है.”
राहुल गांधी से माफ़ी की मांग करते हुए पात्रा ने कहा, “वो झूठी बातें फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. एके-47.. मैं ख़ास तौर पर राहुल गांधी के इस्तेमाल किए गए इस शब्द पर ज़ोर देना चाहता हूं. क्या इस देश की पुलिस कभी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लिए एके-47 का इस्तेमाल करती है? क्या ऐसा कभी हुआ है?”
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी यह कैसे कह सकते हैं कि एके-47 का इस्तेमाल हुआ है? यह पूरी तरह अस्वीकार्य है और हमारा मानना है कि इस तरह की झूठी और भ्रामक बातें फैलाने के लिए राहुल गांधी को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.”
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अब देश में डर और अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, “आप सभी ने देखा कि सीजेपी ने ख़ुद ही अपना प्रदर्शन वापस ले लिया. जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत हुई, जिसके बाद घोषणा की गई कि जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है.”
उन्होंने कहा, “इस तरह का प्रचार और ग़लत जानकारी फैलाकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश में डर, अव्यवस्था और अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं. यह बेहद आपत्तिजनक है.”
संबित पात्रा ने लोगों से अपील की कि वे राहुल गांधी के बयान को गंभीरता से न लें और “सच्चाई सामने रखें, ताकि देश में अराजकता न फैले.”
उन्होंने कहा, “मैं राहुल गांधी से यह भी कहना चाहूंगा कि उन्हें एक ज़िम्मेदार विपक्ष के नेता की तरह व्यवहार करना चाहिए और इस तरह के भ्रामक दावे फैलाने के लिए देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.”
पात्रा ने आरोप लगाया, “स्वाभाविक रूप से, राहुल गांधी का उद्देश्य समस्याओं का समाधान करना नहीं है. उनका मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना, कृत्रिम ग़ुस्सा पैदा करना, बनावटी आंदोलन खड़ा करना और सबसे बढ़कर देश में अराजकता फैलाना है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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