डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अकोला सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक आदिवासी महिला अपने बीमार पति को पीठ पर लादकर अलग-अलग विभागों में ले जाती दिख रही है। इस घटना ने अस्पताल में मरीजों की देखभाल को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जीएमसी के डीन डॉ. संजय सोनोने के मुताबिक, यह वीडियो अस्पताल को बदनाम करने की एक कोशिश है। वीडियो में महिला एक छोटे बच्चे के साथ बिना स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के एक विभाग से दूसरे विभाग में जाती हुई दिखाई दे रही है।
डीन ने आरोपों को किया सिरे से खारिज
डीन ने इस बात से भी इनकार किया कि स्टाफ वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश कर रहा था। जबकि वीडियो में सुनी जा रही आवाजों से ऐसा लग रहा था। उन्होंने कहा कि महिला को शायद शिक्षा की कमी के कारण अस्पताल की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी नहीं थी।
डॉ. सोनोने ने बताया कि इलाज शुरू करने से पहले मरीजों को कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। उन्होंने कहा कि महिला ओपीडी के समय के बाद आई थी और सीधे अपने पति को अंदर ले गई थी।
शुरू की गई जांच
उन्होंने कहा कि महिला ने स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के लिए अस्पताल के स्टाफ या रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) से संपर्क नहीं किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है कि क्या किसी स्तर पर कोई लापरवाही हुई थी।