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ब्रिक्स 2026: ईरान युद्ध ने ब्रिक्स की एकता की खोली पोल, रिश्तों में दिखी दरार

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Sep 14, 2026


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 12 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली, भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक पारिवारिक तस्वीर के लिए पोज़ दिया.

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, (बाएं से) ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

इस वीकेंड, दुनिया के कुछ सबसे ताक़तवर लोग दिल्ली में एक विशाल गोल मेज़ के इर्द-गिर्द इकट्ठा हुए.

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया कि उनके साथ बैठे नेताओं को मिलकर धीरे-धीरे “नियम बनाने वाले” बनना चाहिए, न कि “नियम मानने वाले”.

यह बात सुनने वालों में ब्रिक्स समूह के सदस्य शामिल थे, जिनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख़ ख़ालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान, और दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा शामिल थे.

ये देश शायद ही स्वाभाविक सहयोगी कहे जा सकते हैं. क्योंकि इनके बीच सीमा विवादों और यहां तक कि सैन्य टकरावों का इतिहास रहा है.

साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच विवादित सीमा पर जानलेवा झड़प हुई थी. मध्य पूर्व के युद्ध में ईरान और यूएई आमने-सामने रहे हैं. इस दौरान ईरान ने ब्रिक्स के अपने साथी देश पर मिसाइलें और ड्रोन दागे. इस युद्ध के झटके दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं तक महसूस किए गए.

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