डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे, वहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के काम-काज की तारीफ की। पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में किशोरों के लिए सोशल मीडिया लगे बैन का समर्थन किया।
पीएम मोदी के इस बयान के साथ ही कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी भविष्य में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उम्र के आधार पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।
16 साल के बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया?
गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया की अपनी द्विपक्षीय यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को रेगुलेट करने के देश के तरीके की तारीफ की।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से कहा, ‘IT और सोशल मीडिया से जुड़े नुकसानों से समाज को बचाने के लिए ऑस्ट्रेलिया का काम दुनिया को प्रेरित कर रहा है।’
केंद्र सरकार ने कुछ महीनों यह पुष्टि की थी कि सरकार बच्चों के लिए उम्र-आधारित पाबंदियां लागू करने के बारे में सोशल मीडिया कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है और कई भारतीय राज्यों ने पहले ही अपने-अपने कानून बनाने पर विचार करना शुरू कर दिया है।
भारत के लिए उदाहरण बना ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया में इस समय सोशल मीडिया को लेकर सबसे ज्यादा कड़े कानून बनाए गए हैं। इसके ‘ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट (सोशल मीडिया मिनिमम एज) एक्ट, 2024’ के तहत प्लेटफॉर्म के लिए यह जरूरी है कि वे उम्र-सत्यापन के तरीकों का इस्तेमाल करके 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया सेवाओं का इस्तेमाल करने से रोकें।
IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि सरकार बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के साथ उम्र-आधारित पाबंदियों पर चर्चा कर रही है। उन्होंने बच्चों के हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट के संपर्क में आने को एक ऐसी समस्या बताया जो दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
वैष्णव ने फरवरी में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान कहा था, ‘हम अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ उम्र-आधारित पाबंदियों के बारे में बातचीत कर रहे हैं कि इसे करने का सही तरीका क्या हो सकता है।’
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि भारत शायद पूरी तरह से बैन लगाने का विकल्प नहीं चुनेगा।
सरकार एक क्रमबद्ध फ्रेमवर्क पर विचार कर रही है, जिससे कम उम्र के यूजर्स को सख्त पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि ज्यादा उम्र के किशोरों को कुछ खास तरह के प्लेटफॉर्म या कंटेंट तक पहुंचने की अनुमति दी जा सकती है।