जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। बुधवार रात से दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बृहस्पतिवार तड़के सिलीगुड़ी के निकट सेवक क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हो गया। सेवक काली मंदिर और कोरोनेशन ब्रिज के बीच पहाड़ से भारी मात्रा में मिट्टी और विशालकाय पत्थर नेशनल हाईवे 10 पर आ गिरे। इसके कारण सिलीगुड़ी से डुवार्स, कालिम्पोंग और सिक्किम जाने वाली यह सड़क शात तक पूरी तरह से बंद हो गई।
इसके चलते सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। नित्य यात्री, पर्यटक और समतल क्षेत्र में लौटने वाले लोग परेशान रहे। पर्यटक सीजन में इस घटना ने टूर आपरेटरों की चिंता बढ़ा दी। इस समय हजारों पर्यटक सिक्किम और दार्जिलिंग पहाड़ की ओर जा रहे थे। वहां पहले से भी काफी संख्या में पर्यटक हैं।
एनएचआइडीसीएल का युद्ध स्तर पर काम
भूस्खलन की सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) की टीम युद्ध स्तर पर काम पर लग गई। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम भी मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तेजी से चला। दिन में भूस्खलन का करीब आधा हिस्सा साफ कर लिया गया था, लेकिन बीच में एक बड़ी समस्या आ खड़ी हुई।
सड़क पर विशाल पत्थर को तोड़ने लगी भारी मशीनरी अचानक खराब हो गई। इससे काम रूक गया और सड़क को पूरी तरह साफ करने में और देरी हो गई। प्रशासन ने पहले अनुमान लगाया था कि दोपहर तक सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएगी, लेकिन मशीनरी खराब होने से पूरा दिन लग गया। शाम करीब पांच बजे से वाहनों की आवाजाही इस सड़क पर शुरू हो गई। दोनों ओर वाहनों की कतार होने के कारण स्थिति को सामान्य करने में पुलिस को काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ा।
तीस्ता समेत कई नदियां उफनाई
दूसरी ओर भारी बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। उत्तर बंगाल की प्रमुख नदियां तीस्ता, तोर्षो, जलढाका, रायडाक और महानंदा उफान पर हैं। इन नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। गजलडोबा स्थित तीस्ता बैराज और महानंदा बैराज पर लाक गेट समय-समय पर खोले जा रहे हैं ताकि निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम किया जा सके। तीस्ता नदी के निचले इलाकों में प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहां कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
नेशनल हाईवे 110 की मरम्मत का काम लगभग पूरा
राहत की बात यह है कि सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग की ओर जाने वाली नेशनल हाईवे 110 की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है। दूधिया पुल से भी पैदल आवाजाही शुरू हो गई। तीस्ता बाजार के आसपास के निचले इलाकों में पानी भर रहा है, लेकिन बारिश कम होते ही पानी उतर जाता है। सिक्किम के कई इलाकों में मौसम और सड़क दोनों ही बेहद खराब बने हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश अभी भी जारी है, जिससे और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने पर्यटकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे बेहद सतर्क रहें। किसी भी जरूरी यात्रा पर निकलने से पहले सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। जहां तक संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।