• Fri. Jul 24th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

भोजशाला:प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से की चर्चा, नमाज को लेकर नहीं बनी बात, 350 पुलिसकर्मी तैनात – Dhar-bhojshala-namaz-dispute-police-deployment-supreme-court-hearing

Byadmin

Jul 24, 2026


धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गरमा गया है। जुमे की नमाज के लिए जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक स्थान को लेकर मुस्लिम पक्ष और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मुस्लिम समाज ने प्रशासन द्वारा सुझाई गई जगह पर कड़ी आपत्ति जताई है। गुरुवार देर रात प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया। काफी देर तक चली बैठक के बाद भी स्थान को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी।

जावरा और इंदौर की कंपनियां तैनात


आज शुक्रवार सुबह से ही शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में दोपहर के समय सुनवाई प्रस्तावित है। प्रशासन ने इससे पहले ही पूरी तैयारी कर ली है। जावरा और इंदौर से पुलिस की दो विशेष कंपनियां धार पहुंच चुकी हैं। नगर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 350 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों, भोजशाला परिसर और चालीस पीर दरगाह पर पुलिस बल मौजूद है। साथ ही नगर में पुलिस के मोबाइल वाहन और दोपहिया गश्ती दल लगातार भ्रमण कर रहे हैं।


तयशुदा जमीन के पास ही नमाज अदा करना चाहते हैं


मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने मीडिया से चर्चा में कहा, “प्रशासन ने हमें चालीस पीर की जगह बताई थी, जो कमाल मौला मस्जिद से लगभग दो किलोमीटर दूर है। हमने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी।

सर्वोच्च न्यायालय में हाजी मुनीर अहमद साहब की याचिका में हमने एक आवेदन भी प्रस्तुत किया है। उसमें हमने स्पष्ट कहा है कि हमारी आपत्ति दूरी को लेकर है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि यथासंभव सबसे निकट स्थान पर नमाज की व्यवस्था की जाए। इससे अंतिम आदेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इसी बात को लेकर हम सभी जनप्रतिनिधि, याचिकाकर्ता और इंटरवीनर बैठक में शामिल हुए थे, ताकि किसी तरह हमें हमारी जमीन पर जाने दिया जाए। शुरू से मुस्लिम समाज का एक ही रुख रहा है कि हम अपनी जमीन पर जाना चाहते हैं, किसी और की जमीन पर नहीं। हम अपनी जमीन पर ही नमाज अदा करना चाहते हैं। कोर्ट ने प्रशासन को नमाज की व्यवस्था करने का आदेश दिया है, उसका पालन कराया जाना चाहिए। लेकिन प्रशासन बार-बार इसमें असमर्थ रहा है। गुरुवार रात तक भी हमें कोई ऐसा स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया, जहां हम नमाज अदा कर सकें और कोर्ट के आदेश का पालन हो सके।


ये भी पढ़ें- Explainer: जिस परियोजना से बुंदेलखंड का सूखा खत्म होने का दावा, उसका विरोध क्यों, केन-बेतवा लिंक का क्या असर?

आज इस पर बहस होगी


आज हमारी आवेदन पर 24 जुलाई की तारीख निर्धारित है। आज इस पर बहस होगी और सर्वोच्च न्यायालय जो भी निर्णय देगा, वह हमारे लिए सर्वोपरि होगा। अब्दुल समद ने कहा कि यदि आज सुप्रीम कोर्ट से कोई निर्णय नहीं आता है, तो समाज के लोग अपने घरों और मोहल्लों की मस्जिदों में ही जुमे की नमाज अदा करेंगे। इसके बाद हम फिर से कोर्ट के समक्ष जाएंगे। हमें पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय हमें राहत देगा।

By admin