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‘उनका क्या अपराध था’: बीबीसी पहुंचा ईरान के उस स्कूल, जहां हमले में मारे गए 120 बच्चे

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Jul 24, 2026


अमाइने नदेमी और कक्षा का मलबा
इमेज कैप्शन, मिनाब स्कूल में पढ़ाने वालीं शिक्षिका अमाइने नदेमी

(इस रिपोर्ट में बच्चों की मौत से जुड़ी दर्दनाक घटनाओं का वर्णन है)

टीचर अमाइने नदेमी अपने पुराने स्कूल के बचे हुए हिस्से में खुद को संभालते हुए क़दम रखती हैं. ऊपर की टूटी हुई मंजिल से कंक्रीट के बड़े टुकड़े लटक रहे हैं. कुछ कक्षाओं के भवन अब भी खड़े हैं, जिनकी रंग-बिरंगी दीवारों पर गुब्बारों और फूलों के चित्र बने हुए हैं.

33 वर्षीय शिक्षिका अमाइने नदेमी को आज भी ठीक-ठीक पता है कि स्कूल में कौन-सी जगह कहां थी. ऊपर की मंज़िल पर लड़कियों की क्लासेज थीं, नीचे लड़कों की. इसके अलावा हेडटीचर का कमरा और प्रेयर रूम (प्रार्थना कक्ष) भी था.

दक्षिणी ईरान के छोटे शहर मिनाब स्थित शाजेरह तैय्यबा प्राथमिक स्कूल में नदेमी प्राइमरी स्कूल में पहली कक्षा की लड़कियों को पढ़ाती थीं. अब उनकी कक्षा की जगह सिर्फ़ मलबा बचा है.

वीडियो कैप्शन, क्षतिग्रस्त कक्षाओं में अभी भी बच्चों की कुर्सियां और सजी हुई दीवारें देखी जा सकती हैं

28 फ़रवरी को ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल युद्ध शुरू होने के शुरुआती घंटों में स्कूल पर हमला हुआ. इस हमले ने एक सामान्य शनिवार की सुबह को संघर्ष की सबसे दर्दनाक घटनाओं में बदल दिया. यह हमला आम नागरिकों के लिए युद्ध की सबसे घातक घटनाओं में से एक थी.

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