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मंत्री जमीर ने तिरंगा फहराने से छूट मांगी, कर्नाटक सरकार ने जिम्मा बसवंतप्पा को सौंपा; भाजपा ने उठाए सवाल

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Aug 15, 2026


पीटीआई, बेंगलुरु। कर्नाटक के एक मंत्री बी.जेड.जमीर अहमद खान के स्वतंत्रता दिवस पर विजयनगर में राष्ट्र ध्वज फहराने की जिम्मेदारी से छूट मांगने के बाद कांग्रेस शासित राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी अपने एक अन्य मंत्री के.एस. बसवंतप्पा को सौंप दी है।

लेकिन इस कदम पर प्रदेश में विपक्षी दल भाजपा ने विधानसभा में राज्य सरकार को घेर लिया और इसे स्वतंत्रता दिवस और तिरंगे का अपमान बताया है। लेकिन प्रदेश सरकार से उचित जवाब न मिलने पर भाजपा के सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।

बेंगलुरु के चामराजपेट से मुस्लिम विधायक जमीर अहमद खान ने विजयनगर जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी लेने से भी इन्कार करते हुए कहा कि उनके पास समय की कमी है।

इस मुद्दे ने विधानसभा में गर्म बहस को जन्म दिया, जहां भाजपा ने मंत्री द्वारा ध्वज फहराने की जिम्मेदारी से छूट मांगने पर कड़ी आपत्ति जताई और उनकी कैबिनेट से बर्खास्तगी की मांग की। भाजपा के सदस्यों ने बाद में विधानसभा से वाकआउट किया, सरकार के इस मुद्दे को संभालने को “अपमानजनक” बताया।

जमीर खान ने गुरुवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर दोनों जिम्मेदारियों से छूट की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में कहा, “आने वाले दिनों में कई स्थानीय निकायों के चुनाव होंगे, जिसमें बीबीएमपी (अब ग्रेटर बेंगलुरु अथारिटी-जीबीए), विधानसभा उपचुनाव और राज्य में पार्टी संगठनात्मक गतिविधियां शामिल हैं।

इन जिम्मेदारियों के मद्देनजर, मेरे पास जिला प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारियों को निभाने का पर्याप्त समय नहीं होगा।” उन्होंने कहा, “इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि मुझे राज्य के किसी भी जिले के जिला प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी न सौंपें।”

खान ने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर विजयनगर जिले में ध्वज फहराने की जिम्मेदारी दी गई थी और चूंकि वह उपस्थित नहीं हो पाएंगे, उन्होंने इस जिम्मेदारी से छूट की मांग की। उनके पत्र के बाद कांग्रेस सरकार ने सूची में संशोधन किया और विजयनगर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वज फहराने की जिम्मेदारी बसवंतप्पा को सौंप दी।

ध्यान रहे कि नजीर खान और बसवंतप्पा को विगत तीन अगस्त को ही मंत्रियों के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया था। आवास मंत्रालय का प्रभार रखनेवाले खान, पूर्व सिद्दरमैया सरकार में भी विजयनगर जिले के प्रभारी थे।

भाजपा के वरिष्ठ विधायक सुनील कुमार ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि खान का ध्वज फहराने की जिम्मेदारी से छूट मांगने वाला पत्र राष्ट्रीय त्योहार के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “अगर एक मंत्री राष्ट्रीय त्योहार में भाग नहीं ले सकता, तो ऐसे मंत्री की क्या आवश्यकता है? क्या वह इतना बड़ा और व्यस्त है कि वह राष्ट्र ध्वज नहीं फहरा सकता?”

सुनील कुमार ने खान के पत्र को दिखाते हुए कहा, “अगर सरकार ऐसे पत्र को स्वीकार करती है, तो यह क्या है? मुख्यमंत्री ने मंत्री को (विजयनगर में तिरंगा फहराने के लिए) बदल दिया है। क्या राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रीय उत्सव का कोई सम्मान नहीं है?”

वहीं, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वरा ने खान का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री की मंशा यह प्रतीत होती है कि वह विजयनगर में पहले से सेवा देने के कारण किसी अन्य जिले का प्रभार लेना चाहते थे। भाजपा विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री सी.एन. अश्वथ नारायण ने भी खान के आचरण पर सवाल उठाया।

इस पर उपमुख्यमंत्री ने खान का फिर बचाव करते हुए कहा कि मंत्री की स्वास्थ्य स्थिति के कारण वह विजयनगर नहीं जा सकते और इसलिए मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक व्यवस्था की है।

हालांकि, भाजपा विधायकों ने यह बताया कि खान के पत्र में स्वास्थ्य को कारण के रूप में नहीं बताया गया है। इसके बाद नाराज भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।

विधानसभा के बाहर विपक्ष के नेता आर. अशोक ने खान के निर्णय को “देश का अपमान” करार दिया। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष विजयेंद्र ने भी आवास मंत्री बी.जेड.जमीर अहमद खान की आलोचना की है।

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