डिजिटल डेस्क, इंफाल। मणिपुर में जातीय हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के सेनापति जिले के कालेन्जांग गांव में शनिवार दोपहर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दो नगा युवकों की हत्या कर दी, जबकि इस हिंसक घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
पिछले कुछ महीनों से नगा और कुकू समुदायों के बीच चल रहे संघर्ष में यह एक और खूनी अध्याय जुड़ गया है। फरवरी से शुरू हुए इस आपसी संघर्ष में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
समझिए क्या है पूरी घटना?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह गोलीबारी शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे सेनापति पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके में हुई। यह घटना मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के उस कार्यक्रम से लौटने के ठीक कुछ ही देर बाद घटी, जो वहां से करीब 30 किलोमीटर दूर आयोजित किया गया था।
बता दें कि इससे महज दो दिन पहले, अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में चार तंगखुल नगा युवकों की भी हत्या कर दी गई थी। इस हमले का आरोप म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (B) पर लगाया गया है।
लगातार बढ़ रहा है मौतों का आंकड़ा
गौरतलब है कि कालेन्जांग और पिलोंग की ये हत्याएं उन झड़पों का हिस्सा हैं जो फरवरी में नई सरकार के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद शुरू हुई थीं। खासकर 27 अगस्त के बाद से राज्य में हिंसा काफी बढ़ गई है, जिसमें 11 नगा और 10 कुकी अपनी जान गंवा चुके हैं। मृतकों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है। यह आंकड़ा मैतेई-कुकी संघर्ष से बिल्कुल अलग है, जिसमें पहले ही 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
दोनों समुदायों ने एक-दूसरे के उग्रवादी संगठनों पर इन हमलों को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की जांच की जा रही है और फिलहाल इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।