11:47 AM, 30-Aug-2026
पीएम बोले- अवाकाडो फल की खेती किसानों के लिए मददगार
पीएम मोदी ने कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियों, आजकल अवाकाडो फल की बड़ी धूम है। इस फल को पहले शायद ही कोई जानता था | इसकी कीमत और मांग दोनों कम थी, लेकिन आज इसे डाइनिंग टेबल पर खूब देखा जा रहा है। आज यह स्वास्थ्य और प्रीमियम मार्केट की पसंद बन गया है। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए भी ये बहुत मददगार है। आंध्र प्रदेश में कडपा के वरदराज का उदाहरण है। वे कई वर्षों से अपने खेत में टमाटर और केले की खेती कर रहे थे। एक दिन उन्होंने अपने दोस्तों के फार्म में अवाकाडो की फसल देखी | इसके बाद उन्होंने यूट्यूब से इस पर जानकारी जुटाई। अब तक वे करीब 4 टन अवाकाडो का उत्पादन कर चुके हैं। आज वे सीधे स्थानीय दुकानों को इसकी सप्लाई कर रहे हैं नई फसल, वैज्ञानिक सलाह और सीधी मार्केटिंग से उनके छोटे से फार्म की कमाई पूरी तरह बदल गई है।”
11:44 AM, 30-Aug-2026
‘मिशन ShaktiSAT के दूसरे चरण की हुई शुरुआत’, मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, ”साथियों, आज हमारी बेटियों के सपनों की उड़ान, धरती से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच रही है और आपको यह जानकर गर्व होगा कि भारत, ऐसे सपने देखने वाली दुनिया की हजारों बेटियों को एक साथ जोड़ रहा है। इस प्रयास का नाम है मिशन ShaktiSAT। इसके माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक सीखने और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। 23 अगस्त, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर इस मिशन की एक सुंदर तस्वीर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में देखने को मिली। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन ShaktiSAT के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर दुनिया के अलग-अलग देशों और भारत से आई करीब 100 छात्राएं एक साथ जुटीं। भारत के दूर-दराज क्षेत्रों से चुनी हुई छात्राएं भी इसमें हिस्सा ले रही हैं इस पूरे प्रयास का लक्ष्य भी बहुत खास है। पूरी तरह छात्राओं की भागीदारी से तैयार एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी है। साथियों, मुझे विश्वास है कि इनमें से अनेक छात्राएं आने वाले समय में विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाएंगी।”
11:39 AM, 30-Aug-2026
पीएम मोदी बोले- शौक से खुल सकते हैं नई संभावनाओं के रास्ते
पीएम मोदी ने कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियों, कभी-कभी हमारा एक छोटा सा शौक, जीवन में एक बड़ी संभावना का रास्ता खोल देता है। नगालैंड के फेक (Phek) जिले की वेसालु पुरो की यात्रा भी कुछ ऐसी ही है। वेसालु किसान परिवार में पली-बढ़ीं। बचपन से उन्होंने अपने माता-पिता को खेती करते देखा था और उन्हें खुद फूलों से बहुत लगाव था। साल 2021 में उन्होंने इसी शौक के साथ छोटे स्तर पर फूल उगाने की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्हें इसमें एक संभावना दिखाई देने लगी। उन्होंने देखा कि शादी-विवाह हों या फिर अन्य त्योहार, फूलों की मांग हमेशा बनी रहती है। वेसालु ने अपने इस शौक को आगे बढ़ाने का फैसला किया। इस सफर में उन्हें स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से फूलों की वैज्ञानिक खेती की ट्रेनिंग मिली, फिर उन्होंने केवल एक चौथाई एकड़ जमीन पर, gladiolus के हजारों पौधे लगाए। पहले ही प्रयास में 5 हजार से ज्यादा फूल खिल उठे। साथियों, ये सफलता वेसालु के लिए एक नई शुरुआत बन गई। उन्होंने फूलों की खेती को और आगे बढ़ाया। जो फूल कभी स्थानीय बाजार में रह जाते थे, आज वो नगालैंड से निकलकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों तक जा रहे हैं। वेसालु पुरो की यात्रा हमें बताती है कि शौक जब मेहनत और सही मार्गदर्शन से जुड़ जाता है, तो वह नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है।”
11:36 AM, 30-Aug-2026
अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता और जनभागीदारी को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा, ”साथियों, इस बार अमरनाथ जी की यात्रा में भी, स्वच्छता और जनभागीदारी की ऐसी ही प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। कठिन रास्तों पर, हजारों स्वच्छता कर्मी दिन-रात सेवा में जुटे रहे। इस वर्ष यात्रा के दौरान, 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे को इकट्ठा कर प्रोसेस किया गया। मुझे इस प्रयास की एक बात विशेष रूप से अच्छी लगी। स्वच्छता के इस अभियान में श्रद्धालु भी भागीदार बने | 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया। 10 हजार से अधिक यात्रियों को ‘जिम्मेदार यात्री’ सर्टिफिकेट भी दिया गया | यहां एक बहुत अनोखा प्रयोग भी हुआ। यात्रा में घोड़ों और खच्चरों के गोबर को बायोगैस में बदला गया और उसी क्लीन एनर्जी से, ‘स्वच्छ ज्योत’ प्रज्ज्वलित की गई। यानी बाबा बर्फानी की इस पवित्र यात्रा में, स्वच्छता भी सेवा और आस्था का एक रूप बन गई।”
11:32 AM, 30-Aug-2026
यूपी के आकाश और रोहन के स्वच्छता अभियान की पीएम मोदी ने की तारीफ
प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियों, स्वच्छता की एक बहुत बड़ी खूबी होती है। जब किसी जगह को स्वच्छ रखने का संकल्प वहां के लोगों का अपना संकल्प बन जाता है, तो बदलाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता। इससे उस जगह की पूरी पहचान ही बदल जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वच्छता के लिए ऐसे प्रयास, हमें निरंतर प्रेरणा देते हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक गांव है- पटवाई। वहां आकाश और रोहन नाम के दो दोस्तों ने देखा कि उनके आसपास का इलाका गंदगी से भर गया है। बस, फिर क्या था, आकाश और रोहन ने कचरे के बैग उठाए और सफाई के लिए निकल पड़े | धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनके साथ जुड़ने लगे | एक टीम भी बन गई । जिसका नाम है- ‘क्लीन-अप पटवाई’ | ये युवा अब तक चार गंगा घाटों को साफ कर चुके हैं। एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटा चुके हैं। इन्होंने कितने ही तालाबों और सार्वजनिक जगहों की सफाई की है।”
11:25 AM, 30-Aug-2026
पीएम स्वनिधि योजना का जिक्र कर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?
पीएम मोदी ने कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियों, हमारे शहरों और कस्बों की सड़कों पर रोज सुबह से शाम तक, लाखों महिलाएं अपने-अपने काम में जुटी रहती हैं। कोई सब्जी बेचती हैं, कोई फल, कोई चाय का ठेला लगाती हैं, तो कोई फूल, दिये और पूजा की सामग्री बेचती हैं। कई बार, बस थोड़ी सी पूंजी की कमी, इनके कारोबार को आगे बढ़ने से रोक देती है। लेकिन अब ऐसी लाखों माताओं-बहनों को ‘पीएम स्वनिधि योजना’ से नई ताकत मिल रही है। ‘महिला सशक्तिकरण’ के इस पहलू की उतनी चर्चा नहीं होती, जितनी होनी चाहिए। ‘पीएम स्वनिधि योजना’ की लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। यानी देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। साथियों, गाजियाबाद की बबीता शर्मा इसका बहुत अच्छा उदाहरण है | बबीता, पूजा की सामग्री का एक छोटा सा स्टॉल लगाती थीं। फूल, दिये, अगरबत्ती, नारियल जैसी चीजें बेचकर, वो अपने परिवार की आजीविका में हाथ बंटाती थीं। मेहनत खूब थी, लेकिन कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत थी। ‘PM स्वनिधि’ से उन्हें आर्थिक मदद मिली। उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया, कारोबार का विस्तार किया। ग्राहक बढ़े, आमदनी बढ़ी और धीरे-धीरे सड़क किनारे का उनका छोटा सा स्टॉल एक दुकान में बदल गया।”
11:20 AM, 30-Aug-2026
पीएम मोदी ने किया सूर्यपथ तिरंगा यात्रा का जिक्र
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियों, अगस्त के महीने में हमें हर तरफ देशभक्ति के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। इस समय हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र-प्रेम की भावना और प्रबल हो जाती है। ‘नेशनल हैंडलूम डे’ और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ से लेकर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इसे खास बनाते हैं। ‘स्वतंत्रता दिवस’ और ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ इसके अवसर तो हर देशवासी को गर्व से भर देते हैं। ‘हर घर तिरंगा अभियान’ इस भावना को और मजबूत करता है। ‘वंदे मातरम्’ के डेढ़-सौ वर्ष पूरे होने से यह साल और भी विशेष बन गया है। इस बार 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड की गईं और तिरंगे का ये उत्सव केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा – इस साल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए हमारा तिरंगा दुनिया-भर की एक अनोखी यात्रा पर निकला। फिजी के सुवा में सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा फहराया गया।”
11:15 AM, 30-Aug-2026
नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियों ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ यह अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है – नशा मुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया। बहुत सारे लोग, विशेषकर हमारे युवा बहुत बड़ी संख्या में इसका हिस्सा बन रहे हैं। आखिर यह भारत के युवाओं के स्वास्थ्य, उनकी खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए ही हमारा सामूहिक संकल्प है। साथियों, नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को अपने लपेटे में नहीं लेती, इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भी झेलने पड़ते हैं। मैं उन लोगों की सराहना करूंगा जो ड्रग्स के खिलाफ दूसरों को जागरुक करते हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद में आगे आते हैं। नशा मुक्त भारत के लिए क्या आप कोई मजबूत नारा बना सकते हैं? क्या हमारे युवा संगीतकार ऐसे गाने बना सकते हैं, जिनमें ड्रग्स मुक्त जिंदगी का संदेश हो? क्या छात्र और थिएटर ग्रुप्स दिल को छू लेने वाले नाटक लिख सकते हैं जिनमें ड्रग्स के खतरों के साथ-साथ उनसे बाहर निकलने का रास्ता भी हो।”
11:07 AM, 30-Aug-2026
इतिहास की जानकारी से जुड़ी वेबसाइट का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, ”साथियों, कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर किसी ने लिखा था “आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इतिहास को रोचक बनाने के अपने प्रयास का शुभारंभ कर रहा हूं।” उन्होंने आगे बताया ये विचार बहुत ही साधारण है। आप इस वेबसाइट पर जाएं और कोई भी एक वर्ष चुन लें। यहां आपको आसानी से पता चलेगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। मुझे भी यह काफी दिलचस्प लगा। मैंने सोचा कि इसके बारे में और अधिक जानकारी ली जाए। मुझे पता चला कि ये काम मुंबई में रहने वाले कृष्णा शेषाद्री ने किया है | मजे की बात ये है कि कृष्णा ने वेबसाइट का नाम भी बहुत साधारण रखा है www.bharatrajya.com। उन्होंने जो प्रयास किया है, उसकी जानकारी आप लोगों तक भी जरूर पहुंचनी चाहिए।
11:00 AM, 30-Aug-2026
पीएम मोदी ने नए और अनोखे विचार पर की चर्चा
पीएम मोदी ने मंन की बात कार्यक्रम की शुरुआत में कहा, ”मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार! ‘मन की बात’ के इस नए एपिसोड में आप सभी का मैं एक बार फिर स्वागत करता हूं। आप सब जानते हैं कि ये एक ऐसा मंच है जहां हम नए प्रयासों को सामने लाते हैं।
देशवासियों के नए और अनोखे विचार पर चर्चा करते हैं। इनमें से कितने ही विचार ऐसे होते हैं जिनके पीछे लोगों ने जीवन की अथक ऊर्जा लगाई होती है।