भटिंडा के संतानहीन बुजुर्ग राजेंद्र और संतोष को रिश्तेदारों ने वृंदावन में बेसहारा छोड़ दिया। अपना घर आश्रम ने उन्हें नया जीवन दिया है। बुजुर्ग संतोष के भाई आईटी अफसर हैं।

सड़क किनारे बैठे बुजुर्ग दंपती
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