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मुस्लिम महिला की मौत पर गांव के हिन्दुओं ने रोक दी रामलीला

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Oct 16, 2026


गफ़ूरन अपने पति अकबर हुसैन के साथ जिनका काफ़ी पहले इंतकाल हो गया था.

इमेज कैप्शन, गफ़ूरन अपने पति अकबर हुसैन के साथ जिनका काफ़ी पहले इंतकाल हो गया था (फ़ाइल फोटो)

“गांव में गफ़ूरन बुआ का जनाज़ा रखा था. वे हमारे गांव की बेटी तो थीं हीं, हमारी बुआ समान भी थीं. उनका जनाज़ा गांव में रखा हो और हम रामलीला कर मनोरंजन करें, दिल ने गवारा नहीं किया. हमारी कमेटी ने उस दिन शुरू होने वाली रामलीला के आयोजन को टाल दिया.”

यह कहना है उत्तर प्रदेश के ज़िला बिजनौर के गांव मोहड़ा के रहने वाले ऋषिपाल सिंह का. ऋषिपाल सिंह गांव में ही आदर्श रामलीला कमेटी के संरक्षक और ग्राम प्रधान हैं.

उन्होंने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, “देखिए, वैसे तो हमारा पूरा गांव ही आपसी सौहार्द की मिसाल है. यहां कभी हिंदू-मुस्लिम तनाव जैसा कोई इतिहास नहीं रहा. वे ऐसी महिला थीं, जो अपने घर के सामने पीपल के पेड़ के नीचे बैठी रहती थीं. देवता पूजन के लिए जब नए जोड़े आते तो वे उन्हें आशीर्वाद देती थीं.”

वे आगे कहते हैं, “गांव के हर छोटे-बड़े को उनके ख़ानदान से पहचानती थीं. हर कोई उनकी ऐसी इज़्जत करता कि कोई ही उनके सामने से बिना दुआ-सलाम के गुज़रा हो.”

गफ़ूरन बुआ की मैय्यत पर रामलीला टाली

ऋषिराम सिंह, ग्राम प्रधान और आदर्श रामलीला कमिटी के संरक्षक.

इमेज कैप्शन, ऋषिराम सिंह, ग्राम प्रधान और आदर्श रामलीला कमिटी के संरक्षक

दरअसल, बिजनौर की धामपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहड़ा स्थित है. लगभग 3200 की आबादी वाले इस गांव में चौहान बहुसंख्यक हैं, जबकि मुस्लिम, वाल्मीकि समाज और अन्य वर्गों के लोग भी रहते हैं.

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