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‘मेरी जगह अस्पताल में नहीं, फ़ाइटिंग केज में है’: कश्मीर की फ़िज़ा नज़ीर ने कैसे पूरा किया पिता का सपना

Byadmin

Sep 8, 2026


फ़िज़ा नज़ीर

इमेज स्रोत, Fiza Nazir

इमेज कैप्शन, फ़िज़ा भारत की नंबर वन फ़ाइटर हैं

“अगर मेरा बेटा होता, तो वो विश्व चैंपियन बनता.”

जब जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के निवासी और पूर्व खिलाड़ी नज़ीर अहमद 25 साल पहले अपने दोस्त से अपनी यह इच्छा बता रहे थे, तो उनकी बेटी फ़िज़ा उनकी बातचीत सुन रही थीं.

उस वक़्त फ़िज़ा पास में ही खेल रही थीं और उनकी उम्र महज़ चार साल थी.

फ़िज़ा बताती हैं, “मैंने उसी वक़्त तय कर लिया था कि मैं एक एथलीट बनूंगी और मैंने अगले ही साल से ट्रेनिंग शुरू कर दी.”

उन्होंने बताया, “स्कूल और कॉलेज पहुँचने तक मैं राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा ले चुकी थी और मेडल जीत चुकी थी.”

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