• Thu. Sep 17th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

मोहम्मद रिज़वान का फ़ोन क्यों किया गया ज़ब्त, लाहौर हाई कोर्ट से क्या लगाई थी गुहार

Byadmin

Sep 17, 2026


26 अगस्त को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर दूसरे टेस्ट मैच से पहले नेट सेशन के दौरान मोहम्मद रिज़वान फुटबॉल पकड़े हुए हैं

इमेज स्रोत, Stu Forster/Getty Images

इमेज कैप्शन, 26 अगस्त को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर दूसरे टेस्ट मैच से पहले नेट सेशन के दौरान मोहम्मद रिज़वान फुटबॉल पकड़े हुए हैं

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लाहौर हाई कोर्ट ने पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान मोहम्मद रिज़वान की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनसीसीआईए) को उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से रोकने की माँग की थी.

अदालत ने याचिकाकर्ता को एनसीसीआईए की ओर से जारी किए गए नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया है.

गौरतलब है कि इंग्लैंड के लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम से सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने का फ़ैसला किया था.

इनमें मोहम्मद रिज़वान, इमाम-उल-हक़, सलमान आग़ा, अली उस्मान, आमिर जमाल, ओवैस ज़फ़र और ख़ुर्रम शहज़ाद शामिल थे.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासन और आचरण से संबंधित मीडिया रिपोर्टों के मद्देनज़र आंतरिक अनुशासनात्मक जाँच शुरू की है.

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में महिला बाइकर्स का चलना आसान है या मुश्किल ?

आवेदन के अनुसार, मोहम्मद रिज़वान 10 सितंबर को एनसीसीआईए के सामने पेश हुए, जबकि 14 सितंबर को उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर पूछा कि उन्हें किस आधार पर तलब किया गया था.

याचिका में कहा गया है कि कथित सट्टेबाज़ी के आरोपों पर जारी किया गया नोटिस और उसके बाद शुरू की गई जाँच क़ानून के अनुसार नहीं थी.

इसके अलावा, यह भी कहा गया कि अगर क्रिकेट में मैच फ़िक्सिंग या सट्टेबाज़ी का कोई मामला सामने आता है, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को इसकी जाँच करने का अधिकार है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता, मोहम्मद रिज़वान, उस मामले से अनजान है, जिसमें उनके ख़िलाफ़ जाँच की जा रही है.

इसके अलावा, याचिका में यह चिंता व्यक्त की गई है कि एनसीसीआईए अधिकारी नोटिस या जाँच के बहाने याचिकाकर्ता को हिरासत में ले सकते हैं या गिरफ़्तार कर सकते हैं.

याचिका में लाहौर हाई कोर्ट से न केवल इस नोटिस को, बल्कि उसके बाद शुरू की गई जाँच को भी ग़ैर-क़ानूनी घोषित करने का अनुरोध किया गया था. इसके अलावा, एनसीसीआईए के पास मौजूद मोहम्मद रिज़वान के मोबाइल फ़ोन और अन्य सामान को वापस करने का भी अनुरोध किया गया.

लाहौर में एनसीसीआईए के अधिकारियों ने 10 सितंबर को क्रिकेटर मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक़ को तलब किया था. लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद, दोनों क्रिकेटरों को जाने की अनुमति दी गई थी.

हालाँकि, एनसीसीआईए अधिकारियों ने उनके मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिए थे.

लाहौर उच्च न्यायालय

इमेज स्रोत, Anadolu Agency via Getty Images

इमेज कैप्शन, लाहौर उच्च न्यायालय

एनसीसीआईए ने मोहम्मद रिज़वान से क्या पूछा?

एनसीसीआईए ने मोहम्मद रिज़वान से जो सवाल पूछे थे, उन्हें एजेंसी के वकील, असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल रफ़ाक़त डोगर ने हाई कोर्ट के सामने पेश किया था.

एनसीसीआईए ने मोहम्मद रिज़वान से उनकी व्यक्तिगत, वित्तीय और यात्रा संबंधी जानकारी माँगी है.

सवालों के अनुसार, मोहम्मद रिज़वान से उनके माता-पिता, जन्म तिथि, जन्म स्थान, पत्नी और बच्चों के बारे में जानकारी माँगी गई थी. इसके अलावा पिछले 10 वर्षों में इस्तेमाल किए गए फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया खातों का विवरण भी माँगा गया था.

एजेंसी ने पिछले पाँच वर्षों के दौरान वेतन, किराये से होने वाली आय, व्यवसाय और कृषि स्रोतों से होने वाली आय, बैंकों में जमा धन पर अर्जित लाभ, घरेलू ख़र्च और बच्चों की शिक्षा संबंधी ख़र्चों का विवरण भी माँगा है.

मोहम्मद रिज़वान से विरासत में मिली संपत्ति के बारे में पूरी जानकारी, संपत्ति हस्तांतरित करने वाले व्यक्ति का विवरण और संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है. साथ ही पिछले पाँच वर्षों में संपत्ति की ख़रीद और बिक्री के रिकॉर्ड भी माँगे गए हैं.

इसके अतिरिक्त, पिछले पाँच वर्षों में की गई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्राओं का विवरण, किए गए ख़र्च, ठहरने की अवधि, सभी बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड और किसी भी व्यक्ति या संस्था से लिए गए कर्ज़ भी सवालों का हिस्सा हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

By admin