रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में एक बार फिर आम नागरिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। रूस ने सोमवार को दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में राहत सामग्री बांटने वाले केंद्र और उसके पास बने शेल्टर को निशाना बनाया। यूक्रेन की आपातकालीन सेवा के मुताबिक, इस हमले में 24 लोगों की मौत हो गई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने इस इलाके पर 10 गाइडेड बम गिराए। उनके मुताबिक, जिस स्कूल की इमारत में लोगों को मानवीय सहायता दी जा रही थी, वह भी हमले की चपेट में आ गई।
‘रूस को शांति नहीं, और खूनखराबा चाहिए’
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की जानकारी देते हुए रूस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह हमला साफ दिखाता है कि रूस तनाव कम करने के मूड में नहीं है। जेलेंस्की के मुताबिक, एक समय ऐसा था जब दोनों देशों के बीच शांति की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद दिखाई दे रही थी, लेकिन इस हमले ने उन उम्मीदों को झटका दिया है। उन्होंने कहा कि रूस इन हत्याओं के जरिए दुनिया को यही संदेश दे रहा है कि वह युद्ध को और आगे बढ़ाना चाहता है।
सीजफायर खत्म होते ही फिर तेज हुए हमले
यह हमला ऐसे समय हुआ, जब यूक्रेन के दक्षिणी खेरसॉन इलाके में लागू सीमित युद्धविराम सोमवार को खत्म हो गया। इस समझौते के तहत रूस और यूक्रेन ने अग्रिम मोर्चे के उन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने की अनुमति दी थी, जहां हालात बेहद खराब हैं। इन इलाकों में रूसी कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल थे। इसके अलावा सोमवार को यूक्रेनी अधिकारियों ने रूस की ओर से कई ड्रोन हमले किए जाने की भी जानकारी दी।
साइबर हमले के बाद लोगों के मोबाइल पर आए फर्जी अलर्ट
युद्ध के बीच रविवार देर रात यूक्रेन और सोमवार सुबह रूस में एक और परेशानी सामने आई। दोनों देशों के सरकारी इमरजेंसी अलर्ट ऐप हैक कर लिए गए। इसके बाद लोगों के मोबाइल पर फर्जी चेतावनी संदेश भेजे गए। यूक्रेन में लोगों को परमाणु हमले, रेडिएशन का स्तर बढ़ने और रासायनिक खतरे जैसी चेतावनियां मिलीं। राजधानी कीव में अशांति फैलने की बात भी कही गई। ये संदेश अंग्रेजी, रूसी और यूक्रेनी भाषाओं में थे। अंग्रेजी संदेशों में कई वर्तनी और व्याकरण की गलतियां भी थीं।
‘ओरेश्निक मिसाइल आ रही है’
रूसी भाषा में भेजे गए एक संदेश में लिखा था, ‘पूरे यूक्रेन में परमाणु खतरा मंडरा रहा है। घबराएं नहीं, ओरेश्निक आ रही है।’ ओरेश्निक रूस की बैलिस्टिक मिसाइल है। हालांकि, इन संदेशों से यूक्रेन में बड़े पैमाने पर दहशत फैलने के संकेत नहीं मिले। सोशल मीडिया पर लोगों ने डरने के बजाय मजाकिया पोस्ट और अपने पालतू जानवरों की तस्वीरें साझा कीं।
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हैकिंग के पीछे किसका हाथ, अभी साफ नहीं
रूस की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल ने दावा किया कि हिटकोर नाम के हैकिंग समूह ने यूक्रेन के इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को हैक करने की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। यूक्रेन ने अपना अलर्ट ऐप दोबारा चालू कर दिया है, जबकि रूस में इसे बहाल करने की कोशिश जारी थी।