डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा के लिए तैनात रहे मेजर ऋषभ सिंह संब्याल इन दिनों सुर्खिंयों में बने हुए हैं। भारतीय सेना में 12 साल सेवा करने वाले मेजर ऋषभ सिंह संब्याल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एड-डि-कैंप (एडीसी) के रूप में तीन साल तक तैनात रहे। समय से पहले सेना से रिटायरमेंट लेने के कुछ दिन बाद उन्होंने राज शामानी के पॉडकास्ट में अपने अनुभव साझा किए।
एडीसी के रूप में सबसे बड़ा त्याग क्या रहा, इस सवाल पर संब्याल ने दबाव या लंबी ड्यूटी का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैं शादीशुदा नहीं हूं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के एडीसी पद पर रहते हुए शादी नहीं की जा सकती। परिवार से दूर रहना और सामान्य जीवन जीने का मौका न मिलना ही उनका सबसे बड़ा त्याग रहा।
उन्होंने कहा कि आपके पास बाहर का जीवन नहीं होता। राष्ट्रपति के करीब रहकर लगातार सतर्क और तैयार रहना पड़ता है। दोस्तों के साथ डिनर, अचानक प्लान, डेटिंग या रिश्ता बनाने जैसी सामान्य बातें इस पद की जिम्मेदारियों के साथ आसानी से फिट नहीं हो पातीं। उनके लिए ड्यूटी हमेशा पहले रही।
एडीसी बनने की योजना नहीं थी
संब्याल ने बताया कि वे कभी एडीसी बनने का सपना नहीं देखते थे। जब पहली बार शॉर्टलिस्ट हुए तो उन्हें इस पद के बारे में पता भी नहीं था। उस समय वे भारत में दूसरे देश की टुकड़ियों के साथ एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहे थे। कमांडिंग ऑफिसर ने पूछा कि आगे क्या करना चाहते हैं।
उन्होंने शुरुआत में इस पद में रुचि नहीं दिखाई। बाद में दूसरों से बात करने और इसे सीखने का अच्छा मौका मानने के बाद उन्होंने सोचा। कमांडिंग ऑफिसर ने साफ कहा कि सिर्फ ‘ट्राई’ नहीं कर सकते, पूरी तरह कमिट करना होगा। असफल होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने पूरा समर्पण दिया।
बता दें, सेना में 12 साल सेवा करने के बाद उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया है। जिसके कारण लोगों में यह उत्सुकता बनी हुई थी कि आखिर ऋषभ सिंह संब्याल की रिटायरमेंट लेने की क्या वजह है।