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‘रास्ते में कोई आया तो फिर मारूंगा’, डबल मर्डर केस में दोषी करार दिए जाने के बाद केरल के शख्स ने कोर्ट में दी धमकी

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Jul 14, 2026


डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरल की एक अदालत द्वारा सोमवार को दो लोगों की हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद, एक व्यक्ति ने कोर्ट में कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और अगर कोई उसके रास्ते में आया तो वह फिर से हत्या करेगा।

पलक्कड़ जिले की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत में 58 वर्षीय चेंथामरा ने यह चौंकाने वाला बयान दिया। अदालत ने उसे जनवरी 2025 में अपने पड़ोसी सुधाकरन और उसकी मां लक्ष्मी की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। गौरतलब है कि इसी अदालत ने पिछले साल चेंथामरा को 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजिथा की हत्या का भी दोषी ठहराया था।

पब्लिक प्रोसिक्यूटर एमजे विजयकुमार ने बताया कि आरोपी ने यह टिप्पणी अदालत के उस अवलोकन के जवाब में की, जिसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी ने पाया था कि चेंथामरा को हत्याएं करने का कोई नैतिक पछतावा नहीं है और वह समाज के लिए खतरा है।

पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने बताया कि तभी चेंथामरा ने कहा कि हां, मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैं कोई गांधीवादी नहीं हूं। अगर कोई मेरे रास्ते में आया तो मैं हत्या फिर से करूंगा। वकील ने बताया कि हालांकि सजा के ऐलान के लिए 15 जुलाई की तारीख तय की गई है, लेकिन आरोपी ने सोमवार को अदालत से यह भी कहा कि “आगे बढ़ो और मुझे फांसी दे दो।

अभियोजन पक्ष करेगा फांसी की मांग

निचली अदालत ने चेंथामरा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 101 (हत्या) और 126 (गलत तरीके से रोकना) के तहत दोषी पाया है। विजयकुमार ने कहा कि अदालत ने मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की है और इस फैसले पर पहुंची है।

परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए चिकित्सा व फोरेंसिक सबूत आरोपी के खिलाफ अहम साबित हुए। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से सबूत इकट्ठा करने में बेहतरीन काम किया है।

उन्होंने आगे कहा, “हम निश्चित रूप से 15 जुलाई को मौत की सजा की अपील करेंगे। हमें उम्मीद है कि अदालत हमारे रुख से सहमत होगी।”

जमानत पर बाहर आकर दिया वारदात को अंजाम

चेंथामरा 2019 के हत्या मामले में जमानत पर बाहर था। 27 जनवरी, 2025 को वह नेनमारा के पास पोथुंडी में सुधाकरन के घर में घुस गया और धारदार हथियार (मचेते) से वार करके सुधाकरन और उसकी मां लक्ष्मी को मौत के घाट उतार दिया।

आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया था। सुधाकरन के परिवार को आरोपी से होने वाले खतरे के बावजूद, इलाके में उसकी मौजूदगी का पता न लगाने और हत्याओं को रोकने में विफल रहने के लिए पुलिस की भी कड़ी आलोचना हुई थी।

हत्या के पीछे की खौफनाक वजह

अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक स्थानीय ज्योतिषी ने चेंथामरा को बताया था कि उसकी पत्नी के उसे छोड़कर जाने के लिए सुधाकरन का परिवार जिम्मेदार है। इसके बाद से ही आरोपी के मन में सालों तक सुधाकरन और उसके परिवार के प्रति गहरी रंजिश बैठ गई थी।

इसी निजी दुश्मनी के चलते चेंथामरा ने अगस्त 2019 में सुधाकरन के घर में घुसकर उसकी पत्नी सजिथा की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। उस वक्त सजिथा के पति और बच्चे घर से बाहर थे। 2019 के इस मामले में, ट्रायल कोर्ट ने चेंथामरा को दोहरी उम्रकैद और ₹3.25 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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