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विमान यात्रा पर रार:आठ लोगों ने 49 लाख खर्च किए, फ्लाइट में चढ़ने से रोका गया; अब एयरलाइन के सीईओ पर Fir होगी – Karnataka Court Orders Fir Against Klm Airlines Ceo Over Peru Visa Row Indian Family 49 Lakh Ticket Dispute

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Apr 14, 2026


कर्नाटक की एक अदालत ने केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) समेत बड़े अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश देवनहल्ली के सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया। इसी इलाके के अधिकार क्षेत्र में बंगलूरू का केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आता है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला तमिलनाडु के सलेम में रहने वाले जे एस सतीशकुमार की शिकायत से जुड़ा है। सतीशकुमार एक मेडिकल संस्थान के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ पेरू जाने के लिए छुट्टियां प्लान की थीं। इसके लिए उन्होंने केएलएम एयरलाइंस के बिजनेस क्लास के आठ टिकट खरीदे थे। इन टिकटों पर उन्होंने करीब 49 लाख रुपये खर्च हुए थे। यह यात्रा 19 जून 2024 को शुरू होनी थी और तीन जुलाई को वापसी का टिकट था।

पीड़ित ने क्या कहा?

सतीशकुमार के अनुसार, उनका परिवार समय से बहुत पहले बंगलूरू एयरपोर्ट पहुंच गया था। उन्होंने वहां की शुरुआती कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली थी। चेक-इन काउंटर पर कई घंटों तक इंतजार करने के बाद, फ्लाइट छूटने से ठीक पहले स्टाफ ने उन्हें रोक दिया। एयरलाइन स्टाफ ने कहा कि उनके पास पेरू का वीजा नहीं है, इसलिए वे जहाज पर नहीं चढ़ सकते।

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सतीशकुमार ने एयरलाइन के इस दावे को चुनौती दी है। उनका कहना है कि एयरलाइन स्टाफ ने पेरू के वीजा नियमों को सही से नहीं समझा। नियमों के मुताबिक, जिन भारतीय नागरिकों के पास अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या शेंगेन देशों का वैध वीजा या वहां रहने का परमिट होता है, उन्हें पेरू जाने के लिए अलग से वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। परिवार के पास ये सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।

रेड-फ्लैग से अंतरराष्ट्रीय यात्रा में हुई परेशानी

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिवार ने इस फैसले का विरोध किया और कानूनी कार्रवाई की बात कही, तो एयरलाइन ने कथित तौर पर उन्हें ‘रेड-फ्लैग’ कर दिया। इसका मतलब है कि एयरलाइन ने अपने सिस्टम में उनके खिलाफ नकारात्मक जानकारी डाल दी। इस वजह से परिवार को बाद में दूसरी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में बहुत परेशानी हुई।

सतीशकुमार ने बताया कि उनके बेटे को सिंगापुर में रोक लिया गया। वहां उससे पेरू से निकाले जाने (डिपोटेशन) के बारे में सवाल पूछे गए, जबकि वह कभी पेरू गया ही नहीं था। खुद सतीशकुमार को भी ऑस्ट्रेलिया की यात्रा के दौरान इसी तरह की पूछताछ और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

एयरलाइन ने क्या कहा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सतीशकुमार का कहना है कि उन्हें अभी तक टिकटों का पैसा वापस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पैसों का नहीं बल्कि जिम्मेदारी तय करने का है। अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है। दूसरी तरफ, केएलएम एयरलाइंस ने कहा कि उन्हें यात्रा और आव्रजन से जुड़े सभी नियमों का पालन करना पड़ता है। एयरलाइन ने जोर दिया कि यात्रियों को यात्रा से पहले अपने दस्तावेजों की जांच खुद करनी चाहिए। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई परेशानी पर खेद जताया है।

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