डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद टीवीके चीफ सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) से जुड़ी लीकेज, अनौपचारिक वसूली और “पार्टी फंड” सिस्टम के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि शराब की बिक्री से होने वाली हर एक पाई राज्य के खजाने में जमा हो। सरकार के सूत्रों ने बताया कि विजय को जानकारी दी गई थी कि TASMAC के कामकाज के जरिए हर महीने लगभग 102 करोड़ रुपये कथित तौर पर अनौपचारिक “पार्टी फंड” के नाम पर अलग किए जा रहे थे।
1600 करोड़ रुपये की हेराफेरी?
सरकारी अनुमानों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में राज्य के खजाने से लगभग 1,600 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इससे डीएमके द्वारा TASMAC के कथित इस्तेमाल पर भी सबकी नजरें और जांच-पड़ताल केंद्रित हो गई हैं।
खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे TASMAC के होलसेल और रिटेल नेटवर्क में लंबे समय से चल रहे अनौपचारिक कैश कलेक्शन सिस्टम को तुरंत बंद करें। इसके लगभग 4,048 रजिस्टर्ड आउटलेट हैं।
कौन कर रहे देखभाल?
इन सुधारों की देखरेख निषेध और आबकारी मंत्री के. विग्नेश कर रहे हैं। 37 साल के विग्नेश पहली बार मंत्री बने हैं और साधारण बैकग्राउंड से आते हैं। बताया जाता है कि केबल डिस्ट्रीब्यूशन के बिजनेस और बाद में राजनीति में आने से पहले उनके माता-पिता चाय की दुकान चलाते थे।
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मंत्री के. विग्नेश का कहना है, “मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में साफ कर दिया कि उनकी सरकार को भ्रष्टाचार या लोगों की तकलीफ से होने वाली कमाई की जरूरत नहीं है। उनका निर्देश सीधा था पैसे की बर्बादी या चोरी को तुरंत रोकें और लोगों का पैसा सरकारी खजाने में वापस लाएं।”
बड़े बदलाव की तैयारी
सूत्रों ने बताया कि शराबबंदी से जुड़े अधिकारियों और डिस्टिलरी को पहले ही सूचित कर दिया गया है कि सरकार TASMAC के कामकाज से जुड़े सभी अनौपचारिक कलेक्शन सिस्टम को खत्म करने का इरादा रखती है।
यह TASMAC के कामकाज में बड़े प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत है, जिसमें शराब की खरीद और वेयरहाउस से भेजने से लेकर रिटेल बिक्री, बोतल वापसी और दुकान-स्तर पर कलेक्शन तक सब कुछ शामिल है।
क्या है सिस्टम?
आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार, TASMAC सप्लाई चेन में लगभग दो दशकों से कथित तौर पर अनौपचारिक वसूली एक व्यवस्था का रूप ले चुकी थी। अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु में शराब की सप्लाई बोतल के साइज़ के आधार पर स्टैंडर्ड केस में की जाती है:
- 180 ml की बोतलें 48 के केस में पैक की जाती हैं
- 375 ml की बोतलें 24 के केस में आती हैं
- 750 ml की बोतलें 12 के केस में पैक की जाती हैं
- बीयर के केस में आम तौर पर 12 बोतलें होती हैं
एक अधिकारी ने बताया, “शराब के हर केस पर कथित तौर पर लगभग 90 रुपये ‘पार्टी फंड’ के तौर पर जमा किए जाते थे। बीयर के मामलों में प्रति केस लगभग 40 रुपये जमा किए जाते थे, जबकि वाइन के मामलों में कथित तौर पर प्रति केस 20 रुपये मंत्री या राजनीतिक फंड में दिए जाते थे।”
अधिकारियों ने दावा किया कि ये कलेक्शन वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और रिटेल आउटलेट में चल रहे थे। अधिकारी ने बताया, “हर महीने लगभग 88 लाख ग्राहक TASMAC के जरिए शराब खरीदते हैं। अंदरूनी अनुमानों से पता चला है कि हर महीने कम से कम 102 करोड़ रुपये कथित तौर पर अनौपचारिक चैनलों में जा रहे थे।”
खाली बोतलों का खेल
सरकार TASMAC आउटलेट्स पर लागू खाली बोतल के लिए 10 रुपये के डिपॉजिट और बायबैक वाले विवादित सिस्टम की भी समीक्षा कर रही है। मौजूदा व्यवस्था के तहत ग्राहक शराब की हर बोतल खरीदने पर 10 रुपये का अतिरिक्त डिपॉजिट देते हैं, जो खाली बोतल वापस करने पर उन्हें लौटा दिया जाता है। अधिकारियों का मानना है कि इस सिस्टम में बिना हिसाब-किताब वाले नकद लेन-देन की काफी गुंजाइश थी।
अंदरूनी अनुमानों के अनुसार, तमिलनाडु में हर महीने शराब की लगभग एक करोड़ बोतलें बिकती हैं। एक अधिकारी ने कहा, “अगर एक लाख बोतलें बिकती थीं तो असल में सिर्फ 60,000 बोतलें ही सिस्टम में वापस आती थीं। बाकी जमा की गई बोतलों का कोई हिसाब-किताब नहीं होता था। भ्रष्टाचार का एक बड़ा हिस्सा यहीं होता था।”
अधिकारियों का अनुमान है कि सिर्फ बोतल वापसी कलेक्शन से जुड़ी अनियमितताओं के कारण हर महीने लगभग 300 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ होगा। सरकार अब 10 रुपये की डिपॉजिट राशि को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में शामिल करने या लीकेज को रोकने के लिए डिजिटल रिफंड सिस्टम शुरू करने के प्रस्तावों पर विचार कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान विजय ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि शराब की बिक्री को केवल राजस्व जुटाने के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।
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