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मंगलवार की रात संसद परिसर में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच बहस हो गई.
रात क़रीब 10 बजे निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट किया, “उन्होंने स्वीकार किया कि सांसद ब्रिटिश कम्पनी में डायरेक्टर थे.”
एएनआई पर जारी वीडियो में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं- नॉमिनी डायरेक्टर कंपनी से लिंक होता है…, इस पर निशिकांत दुबे सवाल करते हैं- डायरेक्टर क्यों हैं.
इसके जवाब में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं, “मैं आपको विस्तार से समझाउंगा कि कंपनियां कैसे काम करती हैं.”
दरअसल उस समय कार्ति चिदंबरम संसद में जा रहे थे और निशिकांत दुबे अपने कार में बैठे हुए थे.
बाद में कार्ति चिदंबरम ने एएनआई से कहा, “मुझे नहीं लगता कि दुबे को यह समझ है कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे रजिस्टर होती हैं, कहां स्थित होती हैं या कैसे चलाई जाती हैं. मैं कल उन्हें मुफ़्त में ट्यूटोरियल देने के लिए तैयार हूँ.”
दरअसल, निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था, “एक भारतीय सांसद हैं जिन्होंने 2003 में ‘बैकप्स लिमिटेड यूके’ नाम की कंपनी रजिस्टर कराई थी. इसका रजिस्टर्ड पता 2 फ़्रांगल वे, लंदन है. इसके दो निदेशक हैं, जिनमें एक का नाम लवग्रोव और दूसरे का नाम मैकनाइट है. लवग्रो 1,056 कंपनियों में निदेशक हैं, जबकि मैकनाइट करीब 256 कंपनियों में निदेशक हैं.”
“इसके अलावा उसी पते 2 फ़्रांगल वे पर 60 अन्य कंपनियां भी रजिस्टर्ड हैं. उन 60 कंपनियों में कई टीवी चैनल भी शामिल हैं, जिनका एकमात्र काम भारत में घटनाओं को सनसनीख़ेज़ बनाना और राष्ट्रविरोधी ताकतों को एकजुट करना रहा है.”
“इसलिए मैं संसद में यह पूरा मामला उठाऊंगा कि वह सांसद कौन हैं और उन्होंने यह कंपनी कैसे रजिस्टर कराई? उनका लवग्रोव और मैकनाइट से क्या संबंध है?