• Tue. May 26th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

सही परिभाषा न होने के चलते उजड़ रहे हैं वेटलैंड्स? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Byadmin

May 26, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आर्द्रभूमि (वेटलैंड) संरक्षण और प्रबंधन नियम, 2017 के तहत वेटलैंड की परिभाषा को ‘अस्पष्ट बताने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।

चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय वेटलैंड समिति को नोटिस जारी कर 10 अगस्त तक अपना रुख साफ करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह नोटिस केवल परिभाषा की अस्पष्टता तक ही सीमित है।

यह याचिका जीवविज्ञानी रवींद्र सिन्हा और अन्य द्वारा दायर की गई है, जिसमें नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि 2017 के नियमों ने वेटलैंड्स को मिलने वाले संरक्षण को काफी कमजोर कर दिया है।

इसके कारण देश के कई पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र नियामक सुरक्षा के दायरे से बाहर हो गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि 99 में से 44 संवेदनशील स्थलों को अब कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। याचिका के अनुसार, नियम 2(जी) के तहत दी गई परिभाषा में कुछ अपवाद शामिल किए गए हैं।

इसके चलते नदी के चैनल, धान के खेत, मानव निर्मित जल निकाय, पीने के पानी के टैंक, जलीय कृषि (एक्वाकल्चर), नमक उत्पादन और सिंचाई के लिए बनाए गए ढांचे सुरक्षा दायरे से बाहर हो जाते हैं। याचिका में मांग की गई है कि इस नियम को संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के उल्लंघन के आधार पर अवैध घोषित किया जाए।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

By admin