डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्पाइसजेट को उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने डार्क पैटर्न के इस्तेमाल के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।
अथॉरिटी ने पाया कि स्पाइसजेट की वेबसाइट और ऐप पर यात्रा बुकिंग के दौरान उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली डिजाइन का इस्तेमाल किया गया। इसमें तीन मुख्य डार्क पैटर्न शामिल थे- फोर्स्ड एक्शन, इंटरफेस इंटरफेरेंस और ट्रिक क्वेश्चन।
कंपनी उपयोगकर्ताओं को अपने ‘स्पाइसक्लब लॉयल्टी प्रोग्राम’ में ऑटोमैटिक रूप से एनरोल कर रही थी, जिसमें प्री-टिक्ड चेकबॉक्स का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा कंपनी का पसंदीदा विकल्प डिफॉल्ट के रूप में रखा गया, जिससे उपभोक्ताओं के फैसले प्रभावित होते थे। साथ ही सहमति लेने के लिए भ्रामक और नकारात्मक शब्दों वाले प्रश्न पूछे जा रहे थे।
उपभोक्ताओं को बिना उनकी सक्रिय सहमति के प्रमोशनल मैसेज भेजने की अनुमति ली जा रही थी। सीसीपीए की नोटिस के बाद भी कंपनी ने इस प्रैक्टिस को थोड़ा बदलकर जारी रखा था।
अथॉरिटी ने कहा कि ऐसी प्रथाएं उपभोक्ता की स्वायत्तता को कमजोर करती हैं, सूचित निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित करती हैं और निष्पक्षता के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं। स्पाइसजेट ने इसे तकनीकी त्रुटि बताया, लेकिन अथॉरिटी ने इसे स्वीकार नहीं किया।
यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019, ई-कॉमर्स नियमों और डार्क पैटर्न से संबंधित दिशानिर्देशों के तहत की गई है। सीसीपीए ने स्पाइसजेट को ऐसी प्रथाओं को स्थायी रूप से बंद करने का भी निर्देश दिया है।