• Fri. Jun 19th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

स्मार्ट विलेज की ओर कदम: भारत में हर गांव की सड़कों की होगी कोडिंग, साइनबोर्ड पर होगा यूनिक नाम

Byadmin

Jun 19, 2026


पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के प्रत्येक गांव की आंतरिक सड़कों को एक विशिष्ट पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने गांवों के भीतर मौजूद सभी सड़कों के लिए यूनिक कोड, डिजिटल पहचान और मानकीकृत वर्गीकरण प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

प्रस्तावित इंट्रा-विलेज रोड कोडिंग एंड ग्रेडिंग सिस्टम के तहत गांवों की सभी आंतरिक सड़कों का नामकरण, कोडिंग और डिजिटल मैपिंग की जाएगी। इस मसौदे को जल्द ही सार्वजनिक सुझावों और प्रतिक्रियाओं के लिए जारी किया जाएगा।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के माध्यम से ग्रामीण सड़क नेटवर्क का काफी विस्तार हुआ है, लेकिन गांवों के भीतर की सड़कों का अब तक व्यवस्थित दस्तावेजीकरण नहीं हो पाया है।

इसके कारण एंबुलेंस सेवाओं, डाक वितरण, सरकारी एजेंसियों और नेविगेशन प्लेटफार्मों को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के तहत गांवों की सड़कों को तीन श्रेणियों मुख्य सड़क, क्रास रोड और अन्य अथवा संपर्क सड़क में विभाजित किया जाएगा।

प्रत्येक सड़क को राज्य से लेकर गांव स्तर तक उसकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड (अक्षरों और संख्याओं वाला) प्रदान किया जाएगा। प्रस्ताव में डाक विभाग द्वारा विकसित डिजिपिन और पंचायती राज मंत्रालय के जियोस्पेशियल प्लानिंग प्लेटफार्म ग्राम मानचित्र जैसी डिजिटल तकनीकों को भी शामिल किया गया है।

गांवों तक डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी

प्रत्येक सड़क को जियोस्पेशियल पहचान संख्या से जोड़ा जाएगा और उसका डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। साथ ही, क्यूआर कोड युक्त साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से नागरिक सड़क की स्थिति, रखरखाव इतिहास और नेविगेशन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रस्ताव के अनुसार ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र की सड़कों की पहचान, नामकरण और श्रेणी निर्धारण की मुख्य जिम्मेदार संस्था होंगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, सड़क निर्माण में पारदर्शिता आएगी, विभिन्न विभागों के कार्यों में दोहराव कम होगा तथा गांवों तक डिजिटल कनेक्टिविटी और नेविगेशन व्यवस्था मजबूत होगी।

चालू वित्त वर्ष में 26 हजार किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण

आईएएनएस के अनुसार, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रामीण सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य ग्रामीण संपर्क परियोजनाओं के तहत 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है।

इसके लिए 18,907 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य देश के दूरदराज और अब तक सड़क संपर्क से वंचित क्षेत्रों को हर मौसम में सड़क सुविधा से जोड़ना है।

इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलवाईईए) की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।

बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने की। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना सहित कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

By admin