राज्य ब्यूरो, मुंबई। शिवसेना उद्धव गुट के छह सांसदों के शिवसेना (शिंदे गुट) में जाने के बाद दोनों दलों में कड़वाहट बढ़ती जा रही है। ऐसी कटुता के फलस्वरूप एक बागी सांसद संजय दीना पाटिल ने अपने घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं के लिए धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया।
यही नहीं, उन्होंने तीखे सवाल पूछने पर पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा। उन्हें भी धमकी दी। शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि पाटिल ने कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा तो वह उन पर बम फेंकेंगे और उनके घरों में घुसकर उन्हें मार डालेंगे।
राउत ने कहा कि यदि इस दौरान किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमला होता है या उसकी हत्या कर दी जाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संजय पाटिल की होगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पाटिल पर कार्रवाई की मांग की है
उन्होंने मुख्यमंत्री से पाटिल पर कार्रवाई की मांग की है। उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर जाने वाले छह सांसदों में संजय दीना पाटिल मुंबई से अकेले सांसद हैं। वह उत्तर-पूर्व मुंबई का प्रतिनिधित्व करते हैं और उसी क्षेत्र में रहते हैं जिस क्षेत्र में संजय राउत का भी घर है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के छोड़कर जाने के बाद अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है। इसलिए स्वयं पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों के विरुद्ध अपनी शक्ति प्रदर्शन की शुरुआत भी संजय पाटिल के क्षेत्र से की। इसी क्रम में उनकी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता एक दिन पहले दीना पाटिल के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
वहां संजय दीना पाटिल की पहले तो प्रदर्शनकारियों के साथ बहस हुई फिर पत्रकारों द्वारा कुछ तीखे सवाल पूछे जाने पर पाटिल की पत्रकारों से भी बहस हो गई।
इसे ही मुद्दा बनाते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता संजय राउत ने मुंबई के पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर संजय पाटिल पर कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि धमकी देने वालों के खिलाफ पुलिस उचित कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि हम किसी के घर को बम से उड़ाने की अनुमति नहीं देंगे न ही किसी को खोखली धमकियों से डरना चाहिए। पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में राउत ने कहा कि पाटिल की कथित टिप्पणियां आतंकवाद और आपराधिक इरादे के बराबर हैं।
दावा किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) से हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए छह सांसद देशभर में जनता के आक्रोश का विषय बन गए हैं।
महाराष्ट्र में इस विभाजन को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मतदाताओं के साथ धोखा हुआ है।
मीडिया के बहिष्कार करने पर जताया खेद
प्रेट्र के अनुसार, संजय दीना पाटिल ने पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और उन्हें धमकी देने के लिए खेद जताया है। पाटिल की ओर से अभद्र भाषा के इस्तेमाल और धमकियों के विरोध में मीडिया ने उनका पूर्ण बहिष्कार का फैसला किया था।
इसके चलते शाम को बालासाहेब भवन स्थित शिवसेना कार्यालय में आयोजित उनकी प्रेस वार्ता में पत्रकार शामिल नहीं हुए। यह प्रेस वार्ता पाटिल ने पार्टी प्रमुख शिंदे के निर्देश पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए बुलाई थी।