• Sat. Jul 4th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

250 साल बाद भी ‘अमेरिकन ड्रीम’ अभी भी ज़िंदा है, लेकिन कई मुश्किलों के साथ

Byadmin

Jul 4, 2026


स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की फ़ाइल फ़ोटो

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी की फ़ाइल फ़ोटो

सोलह साल पहले, आब्दी नॉर इफ़्तिन कीनिया की सबसे बदहाल झुग्गियों में से एक में रहने वाले एक सोमाली शरणार्थी थे, जब उन्हें पता चला कि उन्होंने ज़िंदगी भर के लिए ‘एक लॉटरी’ जीत ली है.

साल 2013 में क़रीब अस्सी लाख आवेदकों में से, वह उन भाग्यशाली पचास हज़ार लोगों में से एक थे जिन्हें अमेरिकी सरकार की ओर से 1990 के दशक में शुरू की गई डाइवर्सिटी वीज़ा योजना के तहत अमेरिकी वीज़ा दिया गया था.

आब्दी का सपना हमेशा से अमेरिका में बसने का था. वह इस सपने को लेकर इतने जुनूनी थे कि हॉलीवुड फिल्में देखने और अंग्रेज़ी सीखने की वजह से उनके बचपन के दोस्तों ने उन्हें “आब्दी अमेरिका” उपनाम दे दिया था.

साल 2014 में उन्होंने बीबीसी को बताया था, “पूरी ज़िंदगी मुझे अमेरिका से प्यार रहा है – दुनिया का सबसे बेहतरीन देश, सपनों की दुनिया, अवसरों की धरती.”

उसी साल, 41 वर्षीय आब्दी अमेरिका पहुंचे, मेन के एक छोटे से क़स्बे में बस गए. उन्होंने इन्सुलेशन लगाने का काम हासिल किया और अमेरिकी नागरिक बन गए.

By admin