पीटीआई, मुंबई। मुंबई की एक विशेष अदालत ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) में 25,000 करोड़ रुपये के घोटाले में ईडी की ओर से दर्ज मामले में राकांपा (शरद पवार) विधायक रोहित पवार और अन्य आरोपितों को बुधवार को आरोपमुक्त कर दिया।
सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत के न्यायाधीश महेश जाधव ने सभी 17 आरोपितों की आरोपमुक्त करने की अर्जी स्वीकार करते हुए मामले का निपटारा कर दिया।
ईडी की ओर से दर्ज मनी लांड्रिंग का यह मामला अगस्त 2019 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू ) द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एमएससीबी के तत्कालीन अधिकारियों और निदेशकों ने सहकारी चीनी मिलों को उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना अपने रिश्तेदारों या अन्य व्यक्तियों को बहुत कम कीमतों पर बेच दिया था।
हालांकि, विशेष अदालत ने हाल में इस मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से दायर क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी। इसके बाद रोहित पवार और अन्य आरोपितों ने मनी लां¨ड्रग से जुड़े मामले में उन्हें आरोपमुक्त किए जाने का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया था।
ईडी ने आरोपितों की अर्जी का विरोध किया था। जांच एजेंसी ने दलील दी थी कि विशेष अदालत ने भले ही ईओडब्ल्यू की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है, लेकिन 2021 में उसकी (ईडी) ओर से दायर वह रिट याचिका बांबे हाई कोर्ट में अब भी विचाराधीन है।