डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हुए हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया था। ईरान ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए उल्टा वाशिंगटन पर ही हमला बोला है।
ईरानी दूतावास और विदेश मंत्रालय का आरोप है कि अमेरिकी नौसेना बलों ने एक हफ्ते के भीतर तीन भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर क्रूर हमले किए, जिसमें तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की जान चली गई।
ट्रंप आरोप सरासर निराधार
भारत में ईरान के दूतावास ने आधिकारिक अकाउंट X पर एक पोस्ट में लिखा, “होर्मुज जलडमरूमध्य में एक भारतीय जहाज के संबंध में ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति का ट्रंप आरोप सरासर निराधार है। यह जनता का ध्यान उस क्रूर तथ्य से हटाने का प्रयास है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में 3 भारतीय जहाजों पर हमला किया और 3 निर्दोष भारतीय नाविकों को मार डाला। यह बेहद शर्मनाक है!”
हमलों के पीछे ईरान का हाथ – अमेरिका
बता दें कि ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब ट्रंप ने आरोप लगाया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था, जिसके परिणामस्वरूप तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अमेरिकी केंद्रीय कमान ने पुष्टि की थी कि हमले अमेरिकी नौसेना बलों द्वारा किए गए थे और इस घटना को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया था।
ईरान ने इन कार्रवाइयों को क्रूर बताया और वाशिंगटन पर कानूनविहीन आचरण में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने एक बयान में हमलों में मारे गए भारतीय नागरिकों की मौत पर शोक व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की मांग की।
ईरान के विदेश मंत्रालय अपने बयान में कहा, “भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिका द्वारा किए गए क्रूर हमले, जिनमें कम से कम तीन भारतीय नागरिक मारे गए हैं, अमेरिका की सशस्त्र डकैती और राज्यव्यापी समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं। हम शहीद भारतीय नाविकों के परिवारों और मित्रों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और भारतीय जनता और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक शोक संवेदना व्यक्त करते हैं।”
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिका को उसके गैरकानूनी आचरण के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए, जो वैश्विक शांति और सुरक्षा को लगातार खतरे में डाल रहा है और नौवहन की स्वतंत्रता को भी खतरे में डाल रहा है। (समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)