डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने पेट्रोलियम मंत्रालय की इकाई पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल को पेट्रोल उत्पादन व आयात, इथेनॉल खरीद व मिश्रण और पेट्रोलियम क्षेत्र के मुनाफे से संबंधित ऐतिहासिक डाटा सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। सीआईसी का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब देश में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) पर बहस छिड़ी है।
यह निर्देश एक आरटीआई आवेदक को सूचना उपलब्ध कराने के लिए दिया गया है, क्योंकि आयोग ने पाया कि पीपीएसी ने केवल आंशिक सूचना मुहैया कराई।
सूचना आयुक्त खुशवंत सिंह सेठी ने पीपीएसी को इथेनॉल मिश्रण के लिए वेब लिंक उपलब्ध कराने, इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े प्रश्न संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण को स्थानांतरित करने और कंपनी-वार पेट्रोल आपूर्तिकर्ताओं की जानकारी के अनुरोध का जवाब देते एमय आरटीआई अधिनियम के तहत उचित छूट का उल्लेख करने का भी निर्देश दिया है।
आरटीआई आवेदन में देश के पेट्रोल और इथेनॉल कार्यक्रम से संबंधित छह प्रकार की सूचनाएं मांगी गई थीं। इनमें ईंधन उत्पादन और आयात, इथेनॉल मिश्रण नियम, इथेनॉल की खरीद व खपत, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण और पेट्रोल बिक्री से होने वाला मुनाफा शामिल था। आयोग ने कहा कि प्रतिवादी ने आवेदक को आंशिक जानकारी उपलब्ध कराई है और विभिन्न प्रश्नों पर संशोधित जवाब देन का निर्देश दिया है।
जबकि पीपीएसी ने जवाब दिया था कि आयात, निर्यात और राज्य-वार डाटा उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, लेकिन कंपनी संबंधी विवरण वाणिज्यिक व गोपनीय प्रकृति के हैं और आरटीआइ (सूचना का अधिकार) अधिनियम की धाराओं 8(1)(डी) और 8(1)(ई) के तहत छूट प्राप्त हैं।
सुनवाई के दौरान आवेदक ने कहा कि वह वेबसाइट पर मांगी गई जानकारी नहीं पा सका। आवेदक ने पहले प्रश्न में 2014-15 से खरीदे गए पेट्रोल की साल दर साल जानकारी मांगी थी। उसने एक अन्य प्रश्न में इथेनॉल मिश्रण के बारे में साल दर साल नियम, दिशा-निर्देश और सरकारी अधिसूचनाओं के बारे में जानकारी मांगी थी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)