जिंदगी बदलने के लिए हमेशा हालात नहीं, कभी-कभी सिर्फ नजरिया बदलना काफी होता है। सोच की एक छोटी सी करवट पूरी दिशा पलट सकती है। और जब बात संस्कार, संयम और संवेदनशीलता जैसे गहरे विषयों की हो, तो इन्हें सहज शब्दों में पिरोना जया किशोरी जी से बेहतर शायद ही कोई जानता हो। आज देहरादून इसी अनुभव का साक्षी बनने जा रहा है।
अमर उजाला की पहल ‘जीवांजलि – विचारों से बदलाव तक’ के तहत जया किशोरी जी ‘संस्कार, संयम और संवेदनशीलता’ विषय पर श्रोताओं से रूबरू होंगी। सुभाष नगर स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में शाम 4 बजे से इस कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों को उदाहरण बनाकर समझाएंगी
अपने अंदाज में जया किशोरी जी बताएंगी कि जीवन की उलझनें अक्सर बाहर के हालात से नहीं, भीतर की सोच से जन्म लेती हैं। विचार बदलते ही व्यवहार बदलता है और व्यवहार बदलते ही जिंदगी की दिशा खुद-ब-खुद मुड़ने लगती है।
रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों को उदाहरण बनाकर वे समझाएंगी कि संयम, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच किस तरह किसी की भी जिंदगी को नए सिरे से गढ़ सकते हैं। कार्यक्रम का संदेश सीधा और गहरा है, दुनिया को बदलने की कोशिश से पहले, एक बार अपने भीतर झांककर देखिए। शायद बदलाव की शुरुआत वहीं से हो जाए।
ये हैं सहयोगी
प्रस्तुति पार्टनर — ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी
पॉवर्ड बाय पार्टनर — श्री दुर्गा मेटलैक्स
एसोसिएट पार्टनर — आदित्य ग्रीन पावर व एसबीआई