झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में जारी परीक्षा विवाद के बीच हाईकोर्ट ने 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है।
बुधवार को हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थी
झारखंड सरकार की ओर से 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में बीते दिन बुधवार को दो अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की गई थी। वहीं, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ भी हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल की गई थी।
इस दौरान जेएएस अधिकारी सूर्य प्रकाश कुजूर ने कहा, “हमें सरकार की ओर से देर रात करीब 12:30 या 1 बजे नोटिस मिला था। जब हमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी मिली तो हम पूरी तरह टूट गए थे। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा कुछ हो सकता है।
गौरतलब है कि झारखंड परीक्षा विवाद को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दबाव के बाद प्रदेश सरकार को 45 परीक्षाएं रद्द और स्थगित करनी पड़ी है। सरकार को झुकना पड़ा। इस सच को हलक से नीचे उतारने में सरकार को 25 दिन से ज्यादा का समय लग गया।
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सीजीएल परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
वहीं, जब सरकार ने सच स्वीकार किया तो परिणाम सामने आया 22 परीक्षाओं का रद्दीकरण, छह परीक्षाओं का स्थगन और 17 आयोजित परीक्षाओं की सीआईडी जांच का फैसला लिया था। लेकिन सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन का आज तीसरा दिन है। रांची में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने गले में फंदा डालकर विरोध जताया और कहा कि सरकार नौकरी नहीं दे सकती तो उन्हें फांसी दे दे।