डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने भारत के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत रिटायरमेंट के बाद के विकल्पों में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। इसके तहत सब्सक्राइबर अब एकमुश्त राशि निकालने के बजाय किस्तों में पैसे निकाल सकते हैं। इससे प्रणाली में निवेश का एक हिस्सा धीरे-धीरे कम होता जाएगा।
सदस्य 85 वर्ष की उम्र तक अपनी बची हुई रकम किस्तों में निकाल सकेंगे।पीएफआरडीए ने बताया कि नया ढांचा सब्सक्राइबर्स को एनपीएस के तहत रखे गए एकमुश्त हिस्से से मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक निकासी का विकल्प देगा।
हाल में लांच की गई इस सेवानिवृत्त आय योजना (आरआइएस) का उद्देश्य रिटायरमेंट चरण के दौरान नकदी प्रवाह की उपलब्धता में सुधार करना और सब्सक्राइबर के कोष की दीर्घकालिकता सुनिश्चित करना है।अभी तक अधिकांश एनपीएस सब्सक्राइबर सेवानिवृत्ति पर अपने कोष का 60 प्रतिशत तक कर-मुक्त एकमुश्त निकाल सकते थे और उन्हें कम से कम 40 प्रतिशत का उपयोग पेंशन उत्पाद खरीदने के लिए करना आवश्यक था।
नए ढांचे के तहत, सब्सक्राइबर एकमुश्त हिस्से से चरणबद्ध निकासी का विकल्प चुन सकते हैं, जो म्यूचुअल फंड में सिस्टमेटिक विड्राल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के समान है।पीएफआरडीए ने बताया कि सदस्य दो तरीके से निकासी कर सकते हैं। पहले तरीके में सदस्य उम्र और चुने गए समय (अधिकतम 85 वर्ष की उम्र तक) के हिसाब से सिस्टम खुद तय करेगा कि उसे हर महीने कितना पैसा मिलना चाहिए।
वहीं, दूसरे तरीके में कुल फंड की यूनिट्स को महीनों के हिसाब से बराबर-बराबर बांट दिया जाएगा। (समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)