जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तर भारत के लोगों को गर्मी से राहत के लिए अभी दो दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग (आइएमडी) के अनुसार गुरुवार तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
हालांकि इसके बाद मौसम तेजी से करवट लेगा और 12 से 14 जून के बीच कई राज्यों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तापमान में चार से छह डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।

11 जून से उत्तर भारत पर असर
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसकी वर्तमान स्थिति पाकिस्तान में है। 11 जून से उत्तर भारत पर इसका असर पड़ेगा।
इसी दौरान पंजाब और हरियाणा के आसपास चक्रवात बनने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से शुक्रवार से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक अच्छी बारिश होगी।
हालांकि 11 जून की रात से ही मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। 12 जून को कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 13 एवं 14 जून को अधिक व्यापक एवं अच्छी वर्षा के आसार हैं।

12-14 जून को इन राज्यों में अच्छी बारिश
तेज हवाएं, मेघ गर्जन और कुछ स्थानों पर आंधी भी चल सकती है। उत्तर प्रदेश में 12-14 जून के बीच अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी, जिससे गर्मी, उमस और लू जैसी स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। तापमान में भी गिरावट आएगी। बिहार में पहले से ही चक्रवात की स्थिति बनी हुई है।
कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून 14 से 15 जून के बीच बिहार में प्रवेश कर सकता है। झारखंड में 12 जून के बाद मौसम सक्रिय होने की संभावना है।

MP में कब बदलेगा मौसम?
मानसून की प्रगति और बंगाल की खाड़ी से मिलने वाली नमी के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश में 11 जून से मौसम बदलना शुरू होगा। सबसे पहले ग्वालियर संभाग में वर्षा की गतिविधियां शुरू होने के संकेत हैं। अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह की स्थिति बनेगी। मानसून मंगलवार तक यहां पहुंच सकता है, जिससे वर्षा की गतिविधियां और तेज होंगी।उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में 11 जून की रात से बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों का हाल
देहरादून, मसूरी समेत कई क्षेत्रों में दो से तीन दिन तक तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ों में होने वाली यह गतिविधि मैदानी राज्यों के मौसम को भी प्रभावित करेगी। पूर्वोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी पहुंच रही है।
इसके कारण असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। दक्षिण में मानसून सक्रिय बना हुआ है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र से मानसून आगे बढ़ रहा है। मुंबई से लेकर कर्नाटक और केरल तक कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।