जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एसआइआर में छूटे पात्र मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए 20 राज्यों में शुरू किए गए विशेष अभियान के दौरान चार दिनों में ही करीब आठ लाख नए मतदाताओं के नामों को जोड़ने के लिए फार्म-6 भरे गए है।
इनमें अधिकांश 18 साल की उम्र पूरी कर पहली बार मतदाता बन रहे है। यह नाम एसआइआर के दौरान इसलिए छूट गए थे, क्योंकि उस समय इनकी उम्र पूरी नहीं थी या इन्होंने आवेदन ही नहीं किया था। हालांकि यह साफ नहीं किया है कि इनमें ऐसे नाम कितने है, जिनके नाम एसआइआर के दौरान हटा दिए गए थे।
आयोग के मुताबिक एसआइआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों की खोजबीन व नए नामों को जोड़ने के लिए एक महीने का विशेष अभियान सभी 20 राज्यों में तेजी से साथ शुरू हो गया है। इस काम में करीब पांच लाख बूथ लेबल अधिकारियों को लगाया गया है।
इनमें से सभी को सप्ताह में एसआइआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों में से कम से कम 20 से 25 लोगों तक नए सिरे से पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। इसके साथ ही नए लोगों को भी मतदाता बनाने के निर्देश दिए गए है।
गौरतलब है कि एसआइआर के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के लग रहे आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने एक अक्टूबर को इसे लेकर एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। यह बात अलग है कि इनमें करीब तीन करोड़ मृत, छह करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, तीन करोड़ अनुपस्थित या नहीं मिले थे व एक करोड़ डुप्लीकेट मतदाता पाए गए थे।