डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में करीब 100 नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग वाले वाहनों से दो अवैध एप के जरिये गैरकानूनी तरीके से टोल वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। ईडी ने गुरुवार को दावा किया कि ‘माबडाटा’ और ‘एनी’ नाम के एप से करोड़ों रुपये की अवैध टोल वसूली की गई।
100 टोल प्लाजा पर अवैध वसूली का खुलासा
ईडी ने इस सिलसिले में दो सितंबर को कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बंगाल और एनसीआर में 14 जगहों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान लगभग 1.03 करोड़ रुपये नकद, खाता-बही, बैंक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। साथ ही आठ बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया।
ईडी ने कहा कि जिन गाड़ियों पर फास्टैग स्टिकर नहीं थे, उनसे टोल वसूलने में आसानी के लिए ‘माबडाटा’ और ‘एनी’ नाम के अवैध एप बनाए गए थे। इस तरह की गैर-कानूनी टोल वसूली पर नजर रखने के लिए पोर्टल भी चलाए जा रहे थे।
यह तरीका लगभग 100 टोल प्लाजा पर इस्तेमाल किया गया था। डिजिटल रिकार्ड से करोड़ों रुपये की अनधिकृत टोल रसीदें मिली हैं।
एप का इस्तेमाल करके नकली रसीदें बनाई
ईडी ने मामले की जांच के लिए मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत आपराधिक केस दर्ज किया है। यह कदम उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर पुलिस द्वारा जनवरी 2025 में दर्ज एफआईआर का संज्ञान लेने के बाद उठाया गया है।