08:21 AM, 22-Jul-2026
ईरान के पश्चिमी इलाम प्रांत में हवाई हमले हुए
ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के मुताबिक, ईरान के पश्चिमी इलाम प्रांत में हवाई हमले हुए हैं, जो की इराक की सीमा से लगा हुआ है। हमले इलाम प्रांत के चावर और अब्दनान इलाकों में हुए। अब्दनान के गवर्नर ने दिनारकोह इलाके में इन हवाई हमले की पुष्टि की।
08:20 AM, 22-Jul-2026
लाल सागर में हूती विद्रोहियों ने खोला नया मोर्चा
अमेरिका ईरान जंग के बीच ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ लाल सागर में एक नया मोर्चा खोल दिया है। हूतियों ने सऊदी अरब की समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से दूर रहने की चेतावनी दी है। यमन की सबा (SABA) समाचार एजेंसी के अनुसार, चेतावनी मिलने के बाद लाल सागर में छह जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण सऊदी अरब लाल सागर के रास्ते ही अपने तेल को बाजार में भेज रहा था, जिस पर अब खतरा मंडरा रहा है।
08:18 AM, 22-Jul-2026
अमेरिका ईरान युद्ध होर्मुज पर नियंत्रण की लड़ाई बना
अमेरिका ईरान युद्ध अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की लड़ाई बन गया है। इस रास्ते से दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवा हिस्सा गुजरता है। ओमान के तट के पास मंगलवार तड़के एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। इसके बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने जलडमरूमध्य में आठ व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला है और एक को निष्क्रिय कर दिया है। क्षेत्र में तनाव के कारण बहरीन और कुवैत में सायरन बजाकर लोगों को आने वाली मिसाइलों और खतरों के प्रति सतर्क किया जा रहा है।
08:17 AM, 22-Jul-2026
पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशें और ट्रंप का रुख
अमेरिका ईरान संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं। ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने पाकिस्तान का दौरा किया। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। शहबाज शरीफ ने बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। पाकिस्तान ने पिछला अस्थायी युद्धविराम समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर दोबारा हमले शुरू होने से वह समझौता टूट गया था। ट्रंप ने कहा कि ईरानी अधिकारी बैठक के लिए बेताब हैं, लेकिन जब तक वे सार्थक चर्चा के लिए तैयार नहीं होते, अमेरिका की बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है।
08:14 AM, 22-Jul-2026
अमेरिका की ओर से ईरान पर 11वीं रात भी एयरस्ट्राइक की गई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 21 जुलाई की रात 8:15 बजे ईरान के खिलाफ लगातार 11वीं रात के सैन्य हमले पूरे कर लिए। इस दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य अभियान केंद्रों, समुद्री क्षमताओं, विमान हैंगर, ड्रोन भंडारण सुविधाओं और सैन्य रसद ढांचे को निशाना बनाया। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे ईरानी खतरे को कम करना है। सेंटकॉम ने कहा, पिछले तीन महीनों में ईरान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले 30 से अधिक व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए हैं। इन अकारण हमलों ने सैकड़ों निर्दोष नाविकों की जान खतरे में डाली है। ईरानी आक्रामकता के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है। मई की शुरुआत से अमेरिकी सेना ने लगभग 900 व्यावसायिक जहाजों और 45 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सुरक्षित आवाजाही में मदद की है।
07:03 AM, 22-Jul-2026
चाबहार और कोनारक में हवाई हमले, स्थिति नियंत्रण में
ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पूर्वी ईरान के चाबहार और कोनारक इलाकों पर हवाई हमले किए हैं। सीस्तान-बलूचिस्तान के डिप्टी गवर्नर अली खलीलाबादी ने इन हमलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ये हमले सुबह के समय हुए हैं और अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हमले वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और आपातकालीन टीमों को तैनात कर दिया गया है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है।
07:01 AM, 22-Jul-2026
ईरान पर अमरीकी हमला: हमदान प्रांत के कबूदरहांग में एयरस्ट्राइक, कोई हताहत नहीं
ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने पश्चिमी ईरान के हमदान प्रांत स्थित कबूदरहांग काउंटी में हवाई हमले किए हैं। हमदान प्रांत के राजनीतिक एवं सुरक्षा उप-राज्यपाल हमज़ेह अमराही ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमले के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में राहत, स्वास्थ्य और आपातकालीन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से यह कार्रवाई लगातार जारी सैन्य तनाव और हमलों की कड़ी का हिस्सा बताई जा रही है।
02:54 AM, 22-Jul-2026
अमेरिका-ईरान युद्ध : अब तक खर्च हुए 37.5 अरब डॉलर , संसद में बवाल
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर वाशिंगटन में सियासी पारा बेहद गर्म हो गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संसद में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस जंग में अब तक करीब 37.5 अरब डॉलर यानी लगभग 3.13 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। सीनेट समिति के सामने गवाही के दौरान हेगसेथ को तीखे सवालों और उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। संसद में प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और रक्षा मंत्री के भाषण में कई बार रुकावट डाली।
पेंटागन ने हाल ही में पुष्टि की है कि इस संघर्ष में 3 और अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है। जुलाई की शुरुआत से अब तक कुल 17 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 100 से ज्यादा सैनिक घायल हुए हैं। जानमाल के इस भारी नुकसान के बीच रिपब्लिकन सांसद सेना के लिए 95 अरब डॉलर का नया बजट पैकेज पास कराने की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, युद्ध की बढ़ती लागत और सैनिकों की मौत को लेकर अब अमेरिकी सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
01:14 AM, 22-Jul-2026
पाकिस्तान में ईरान के गृह मंत्री ने सेना प्रमुख से की मुलाकात

असीम मुनीर, पाकिस्तानी सेना प्रमुख
– फोटो : @पीटीआई
पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का स्वागत किया और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाने, द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
01:08 AM, 22-Jul-2026
लेबनान से हिजबुल्ला को हटाने की योजना में अमेरिका करेगा मदद: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके पास लेबनान से हिजबुल्ला को हटाने के लिए खास योजनाएं हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका लेबनान की सेना को मजबूत बनाने में मदद करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर लेबनानी नेतृत्व उनसे अनुरोध करता है, तो वे हिजबुल्ला से सीधे बात करने के लिए तैयार हैं।
इसके साथ ही ट्रंप ने पुष्टि की कि इस्राइली सेना दक्षिण लेबनान के कुछ हिस्सों से पीछे हट रही है। हालांकि, जमीन पर तनाव अभी भी बना हुआ है। लेबनानी सेना ने आरोप लगाया है कि तैनाती के दौरान इस्राइली बलों ने उनके पास गोलीबारी की, जिससे इस योजना में रुकावट आ सकती है।