09:33 AM, 03-Jun-2026
इस्राइल ने दक्षिण लेबनान के ब्लाट पर किए हमले, दूर तक सुनाई दी धमाकों की आवाज
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान के मरजयून जिले के ब्लाट कस्बे को निशाना बनाया है। इस्राइली सेना की ओर से यहां भीषण हमले जारी हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इससे पहले पास के दिब्बीन कस्बे में एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई थी।
08:21 AM, 03-Jun-2026
ईरान ने कुवैत-बहरीन पर दागी मिसाइलें, अमेरिका ने पलटवार में केश्म द्वीप को बनाया निशाना
अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेना ने क्षेत्र के पड़ोसी देशों को निशाना बनाने वाले ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला को नाकाम कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप पर जवाबी कार्रवाई भी की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि तेहरान ने क्षेत्र में हवाई हमलों की एक लहर शुरू की थी। सैन्य कमांड ने नोट किया कि ईरान ने क्षेत्रीय पड़ोसियों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी अपने लक्ष्यों को भेदने में विफल रहीं।
सेंटकॉम ने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ की गई रक्षात्मक कार्रवाइयों का विवरण देते हुए खुलासा किया कि कुवैत पर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें या तो लक्ष्य तक नहीं पहुंचीं या रास्ते में ही नष्ट हो गईं। वहीं, बहरीन पर लॉन्च की गई तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन की वायु रक्षा बलों ने तुरंत रोक लिया।
07:51 AM, 03-Jun-2026
यूएई के परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले के बाद आईएईए बोला- देंगे तकनीकी सहायता
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने पुष्टि की है कि वैश्विक परमाणु निगरानी संस्था संयुक्त अरब अमीरात को व्यापक समर्थन दे रही है। यह समर्थन पिछले महीने ड्रोन हमले में निशाना बनाए गए परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आधिकारिक दौरे के बाद दिया गया है।
ग्रॉसी ने कहा कि अधिकारियों ने बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र में हुई घटना पर असाधारण रूप से तीव्र परिचालन प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया और संयंत्र में बाहरी बिजली की आपूर्ति बाधित होने के तुरंत बाद रिएक्टर को बंद करने की प्रक्रिया को तेजी से अंजाम दिया। आईएईए प्रमुख ने आगे संकेत दिया कि सुविधा में मरम्मत के काम का पूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी आकलन और परिचालन गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जानी है।
ग्रॉसी ने बिजली संयंत्र में आगामी रखरखाव कार्य की सटीक प्रकृति या समयसीमा के संबंध में कोई और विशिष्ट विवरण नहीं दिया। यह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप 17 मई को ड्रोन हमले के कारण संयुक्त अरब अमीरात की एकमात्र परमाणु ऊर्जा सुविधा में लगी आग के बाद हुआ है, जिसकी पुष्टि बाद में राज्य के अधिकारियों द्वारा की गई थी।
05:30 AM, 03-Jun-2026
आज क्या-क्या हुआ?
- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संसद को बताया कि ईरान को दी जाने वाली कोई भी प्रतिबंध राहत परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी होगी, न कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से।
- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी का कहना है कि ईरान में चल रही कई परमाणु गतिविधियां अब रुक गई हैं।
- अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने बोत्सवाना के झंडे वाले एक तेल टैंकर को अपंग कर दिया है, क्योंकि उसने ईरान के खर्ग द्वीप की ओर बढ़ने की कोशिश की थी।
- संयुक्त राष्ट्र की व्यापार और विकास संस्था का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल आयात की लागत $20 अरब बढ़ सकती है, जिसका सबसे बुरा असर गरीब देशों पर पड़ेगा।
- इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में घातक हमले जारी रखे हैं, जिसमें लेबनानी शहर अल-मरवानिया में हुआ एक हमला भी शामिल है, जिसमें चार वयस्कों और दो बच्चों की मौत हो गई।
- दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के एक ड्रोन हमले में चार इस्राइली सैनिक घायल हो गए हैं।
05:00 AM, 03-Jun-2026
होर्मुज खोल दिया होता तो नहीं होती नाकेबंदी: रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि नाकेबंदी का एकमात्र कारण यह है कि ईरान व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी कर रहा है। इसके पीछे सोच यह है कि अगर किसी और के जहाज बाहर नहीं निकल पाएंगे, तो ईरान के जहाज भी बाहर नहीं निकल पाएंगे। अगर ईरान ने वह करने पर सहमति जताई होती जो उसने युद्धविराम लागू होने के समय करने को कहा था, यानी होर्मुज को खोलना, तो यह नाकेबंदी नहीं होती। वे जो कर रहे हैं वह गैर-कानूनी और अवैध है। हर कोई इसके खिलाफ है।
03:02 AM, 03-Jun-2026
अमेरिका ने ईरानी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों पर लगाया प्रतिबंध
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के सबसे बड़े डिजिटल एसेट क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस कार्रवाई के तहत ‘नोबिटेक्स’ , ‘वॉलेक्स’, ‘बिटपिन’ और ‘रैमजीनेक्स’जैसे बड़े एक्सचेंजों पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही नोबिटेक्स को कंट्रोल करने वाले सैयद मोहम्मद अली आगामीर और सैयद मोहम्मद आगामीर और एक्सचेंज के सीईओ आमिर हुसैन राड पर भी पाबंदी लगाई गई है। हालांकि, नोबिटेक्स एक्सचेंज ने सरकार से किसी भी सीधे संबंध होने से इनकार किया है।
01:55 AM, 03-Jun-2026
युद्ध के बीच घिरे ट्रंप: मीडिया और प्रशासन का दबाव बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों मीडिया और अपने ही प्रशासन के भारी दबाव में हैं। युद्ध की शुरुआत में उन्होंने दावा किया था कि यह संघर्ष कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा, जो बाद में हफ्तों और अब एक लंबे खिंचते गतिरोध में बदल चुका है। जल्द ही सब कुछ ठीक होने के उनके बार-बार किए जा रहे दावों पर अब खुद अमेरिकी सरकार के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं, जिससे ट्रंप की कूटनीतिक साख दांव पर है।
इस बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप लगातार हर दिन बेहद सख्त रुख अपना रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता बिल्कुल करीब है, लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान को सीधी सैन्य धमकी भी दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई अंतिम सहमति नहीं बनती है, तो अमेरिका अपनी पूरी सैन्य ताकत के साथ ईरान पर सीधा और विनाशकारी हमला करेगा।
01:51 AM, 03-Jun-2026
एमएससी का बड़ा बयान- ईरान का हमला पूरी तरह गलत और बेबुनियाद
स्विट्जरलैंड की मशहूर शिपिंग कंपनी मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) ने अपने मालवाहक जहाज ‘सरिस्का V’ पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। कंपनी ने साफ कहा है कि उम कसर बंदरगाह पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से किया गया यह हमला पूरी तरह से अनुचित और गलत है। ईरान के आईआरजीसी ने इस जहाज को अमेरिकी स्वामित्व वाला बताकर निशाना बनाया था, जिसका एमएससी ने खंडन किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह एक तटस्थ व्यावसायिक कंपनी है, जिसका अमेरिका या इस्राइल से कोई संबंध नहीं है। इसके सारे मालिक इटली के नागरिक हैं।
01:49 AM, 03-Jun-2026
अमेरिका में शांति वार्ता शुरू, लेकिन सीमा पर तनाव बरकरार
अमेरिका की मध्यस्थता में इस्राइल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन में चौथे दौर की शांति वार्ता शुरू हो गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाना और लंबे समय के लिए शांति स्थापित करना है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय में हो रही इस चर्चा में दोनों देशों के राजदूत और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
हालांकि, जमीन पर जारी भारी सैन्य संघर्ष के कारण इस शांति प्रक्रिया पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इस्राइल ने युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों और बेरुत पर हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को कड़ी चेतावनी दी है, वहीं ईरान ने भी इस मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत रोकने की धमकी दी है।
01:32 AM, 03-Jun-2026
West Asia War LIVE: इस्राइल का दक्षिणी लेबनान पर बड़ा हमला, धमाकों से दहले कई इलाके; एयरस्ट्राइक जारी
पश्चिम एशिया का यह संकट भारी तनाव और तबाही से भरा रहा है। इस युद्ध की शुरुआत इस्राइल और हमास के बीच गाजा पट्टी में संघर्ष से हुई थी। धीरे-धीरे इस आग में लेबनान का हिजबुल्ला गुट भी शामिल हो गया। हिजबुल्ला ने इस्राइल पर लगातार रॉकेट दागे। इसके जवाब में इस्राइल ने लेबनान पर हवाई हमले शुरू कर दिए। इस्राइल ने बेरूत में हिजबुल्ला के टॉप कमांडरों को ढेर कर दिया।
इस बीच, ईरान इन गुटों के समर्थन में खुलकर सामने आ गया। ईरान ने इस्राइल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। जवाब में इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार किया। इन हमलों में ईरान की वायु सेना और एयर डिफेंस को भारी नुकसान पहुंचा। इतना ही नहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के साथ-साथ कई बड़े अधिकारी भी चल बसे। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी की सबसे कमजोर नस को दबा दिया है। जी हां, तेहरान ने होर्मुज को बंद कर दिया, दुनिया में सबसे अधिक तेल की आपूर्ति इसी जलमार्ग से होती है।
अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक तौर पर युद्ध रोकने की कोशिश में जुटे हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। साथ ही अमेरिका-ईरान शांति समझौता भी आखिरी दौर में है। लेकिन जमीन पर तनाव अब भी बरकरार है। ट्रंप के दावे के बाद भी लेबनान की तरफ से रॉकेट दागे गए हैं। वहीं ईरान भी गहरी अविश्वास की वजह से अभी आखिरी समझौते पर दस्तखत करने से हिचक रहा है।