डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना की पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की कैबिनेट से हटाए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि न तो उन्होंने कोई भ्रष्टाचार किया था न ही यह कार्रवाई करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया गया।
सुरेखा ने कहा कि उन्होंने उन्हें जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया था और सवाल किया कि उन्हें हटाने की सिफारिश करने का फैसला लेने से पहले उनसे सलाह क्यों नहीं ली गई।
यह कदम बदले की भावना से प्रेरित- कोंडा सुरेखा
उन्होंने इस कार्रवाई की घोषणा करने वाले बिना हस्ताक्षण वाले संदेश की प्रणाणिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह कदम बदले की भावना से प्रेरित लगता है।
बेटी की निजी राय को मुझ पर नहीं थोपा जा सकता- कोंडा सुरेखा
अपनी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल का बचाव करते हुए, जिनकी रेवंत रेड्डी और उनके परिवार के खिलाफ टिप्पणियों से अनुशासनात्मक विवाद शुरू हुआ था, सुरेखा ने कहा कि उनकी बेटी बालिग है और उसकी निजी राय को उन पर नहीं थोपा जा सकता।
उन्होंने सवाल किया कि उनकी बेटी की कही बातों के लिए उन्हें क्यों जिम्मेदार ठहराया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी पूछा कि जब कांग्रेस नेता कोमाटिरेड्डी राज गोपाल रेड्डी और टी जग्गा रेड्डी ने विवादित बयान दिए थे, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई थी।
जी चिन्ना रेड्डी को हटाने पर उठाए सवाल
सुरेखा ने तेलंगाना प्लानिंग बोर्ड के वाइस-चेयरमैन के पद से वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी चिन्ना रेड्डी को हटाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई करना गलत है कि क्योंकि उनके (सुरेखा के) खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी।