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बीते मंगलवार को इसराइल में हुए
चुनावों के नतीजे लगभग सामने आ चुके हैं. इसमें नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के
गठबंधन को बहुमत नहीं मिल पाया है.
इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने
अपने गठबंधन के बहुमत से दूर रहने को लेकर अरब पार्टियों पर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने एक्स पर अपनी पार्टी का एक बयान
जारी किया, जिसमें कहा गया है, “इसराइल में चुनाव अरब पार्टियों ने चोरी
किए हैं, जो आतंकवाद का समर्थन करती हैं और
यहूदी राज्य को ख़त्म करना चाहती हैं. यह चोरी रिश्वतखोरी, धमकी, हिंसा, जालसाजी और मतदाताओं को जुटाने के लिए प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के
इस्तेमाल जैसे गंभीर आपराधिक कृत्यों के जरिए की गई है.”
“लिकुड पार्टी चुनाव में धांधली से
जुड़े सैकड़ों बयान और सबूत पुलिस, शिन बेट
और केंद्रीय चुनाव समिति को सौंप रही है. ये सबूत कई अरब मतदान केंद्रों पर चुनाव
में धांधली से जुड़े हैं. इनमें रा’म पार्टी की पर्चियों और नकदी वाले हज़ारों लिफ़ाफ़े, मतदान केंद्र के सदस्यों को धमकाने और उनके साथ हिंसा करने, मतदान कक्ष के पर्दे के पीछे कई बार वोट डालने,
दोहरी पहचान के साथ मतदान करने, लिफ़ाफ़ों की संख्या और मतदाताओं की संख्या में
अंतर, मतदाताओं को जुटाने के लिए
प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल समेत कई अन्य मामले शामिल हैं.”
“हम पुलिस और शिन बेट से मांग करते
हैं कि अरब पार्टियों की ओर से चुनाव में की गई धांधली की गहन जांच की जाए और
इसमें शामिल अपराधियों के ख़िलाफ़ पूरी क़ानूनी कार्रवाई की जाए.”
“हम केंद्रीय चुनाव समिति से मांग करते हैं कि वह
इन आपराधिक कृत्यों की जांच के लिए तत्काल कदम उठाए. इन कृत्यों ने इसराइल में
चुनाव की निष्पक्षता और चुनाव परिणामों को गंभीर नुक़सान पहुंचाया है.”
97 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद
नेतन्याहू के गठबंधन के हिस्से में 53 सीटें, उनके विरोधी आइज़नकोट की अगुवाई वाले
गठबंधन को 48 सीटें और अरब पार्टियों के गठबंधन को 19 सीटें मिली हैं.
इसराइली संसद में बहुमत के लिए 61
सीटें चाहिए होती हैं.