डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि, जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ और एक्टर शिव राजकुमार समेत कई जाने-माने लोगों को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत नोटिस भेजा गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बुधवार को जानदारी की कि इन सभी के नाम पहले के चुनावी रिकॉर्ड में ‘अनमैप्ड’ (मैप नहीं किए गए) थे।
बेंगलुरु साउथ सिटी कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक, इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि और उनके परिवार के सदस्यों के नाम चुनाव आयोग के उन नोटिसों में शामिल हैं जो ‘नो-मैपिंग’ कैटेगरी के तहत जारी किए गए हैं।
ये नोटिस इसलिए जारी किए गए क्योंकि 2002 की वोटर लिस्ट में उनके नाम का विवरण नहीं मिला था। उपलब्ध जानकारी से यह साफ नहीं है कि नीलेकणि या उनके परिवार को ये नोटिस भेजे गए हैं या नहीं।
BSCC कमिश्नर रमेश KN ने कहा कि अधिकारी रिकॉर्ड में किसी भी गड़बड़ी की जांच करेंगे और जहां जरूरत होगी, बिना नोटिस जारी किए ही उन्हें ठीक कर देंगे।
कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सोमवार, 24 अगस्त को जारी की गई थी। इस लिस्ट के मुताबिक वोटर लिस्ट से एक करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए हैं।
इंफोसिस के को-फाउंडर और एकस्टेप फाउंडेशन के चेयरमैन नंदन नीलेकणि और जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ के मामलों में भी गड़बड़ियां पाई गईं।
कन्नड़ फिल्म एक्टर शिवराजकुमार का नाम भी 2002 की वोटर लिस्ट में पाया गया था और सिस्टम ने सुनवाई के लिए एक नोटिस जेनरेट किया था।
हालांकि, उन्हें कागजात लेकर GBA ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ी। चुनाव अधिकारियों ने उनके घर पर ही वेरिफिकेशन किया।
SIR में VIPs के लिए खास इंतजाम
चुनाव आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास VIPs के लिए सुनवाई में शामिल हुए बिना ही प्रक्रिया पूरी करने का प्रविधान है। संबंधित BLO उनके घर जाकर यह प्रक्रिया पूरी करेंगे।’
इस कैटेगरी में जज, सांसद (MP) और विधायक (MLA), सीनियर नेता, नौकरशाह और खेल व सिनेमा जगत के लोग शामिल हैं।
प्रो. सीएनआर राव को नोटिस मिलने पर EC की सफाई
चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया कि भारत रत्न से सम्मानित और मशहूर वैज्ञानिक प्रो. सीएनआर राव के नाम में बेंगलुरु के चुनावी रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई थी। इस मामले में विवाद खड़ा होने के बाद चुनाव आयोग (EC) ने बुधवार को सफाई दी।
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने अपने चीफ कमिश्नर और बेंगलुरु अर्बन डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर एम. महेश्वर राव का हवाला देते हुए कहा, ‘मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के सिलसिले में भारत रत्न (अवॉर्डी) प्रो. सीएनआर राव को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।’
GBA ने कहा, ‘वोटर लिस्ट में इस सम्मानित व्यक्ति के नाम में एक गड़बड़ी देखी गई थी। इसे देखते हुए, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने उन्हें एक सम्मानित व्यक्ति मानते हुए, बिना कोई नोटिस जारी किए, फाइनल वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल करने की सिफारिश की है।’