डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार इंडक्शन कुकटॉप के जरूरी कलपुर्जों पर कस्टम ड्यूटी कम कर सकती है। एक अधिकारी ने कहा कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने भी इन कुकटॉप पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की सिफारिश की है।
दरअसल, पश्चिम एशिया संकट के चलते कुकिंग गैस की आपूर्ति बाधित हुई है और लोग इंडक्शन हीटर खरीदने पर जोर दे रहे हैं। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआइआइटी) ने ऊर्जा मंत्रालय के साथ मिलकर सभी हितधारकों के साथ बातचीत की।
इस बातचीत में मांग-आपूर्ति की चुनौतियों को दूर करने और आपूर्ति व कीमतों को स्थिर करने के लिए तुरंत जरूरी उपाय करने की बात कही गई। सरकार ने इस सेक्टर के लिए कई और कदम उठाए हैं, जिसमें कुछ इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज पर जरूरी क्वालिटी कंट्रोल आर्डर को लागू करने की समयसीमा को छह महीने बढ़ाकर अक्टूबर, 2026 तक करना शामिल है।
औद्योगिक इकाइयों को गैस सप्लाई बढ़ाने पर सरकार का फोकस
पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) औद्योगिक इकाइयों को गैस सप्लाई बढ़ाने पर फोकस कर रहा है, जिससे औद्योगिक उत्पादन कम से कम प्रभावित हो। बुधवार को विभाग की तरफ से बताया गया कि कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) की सप्लाई बढ़ाने के लिए इसके वितरण संबंधी लाइसेसिंग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
विभाग के मुताबिक, 25 मार्च से लेकर 21 अप्रैल के बीच इनके वितरण स्टेशन खोलने के लिए 157 लाइसेंस दिए गए हैं और सीएनजी और सीबीजी के 38 नए स्टेशन के निर्माण की मंजूरी दी गई है। मार्च से लेकर अब तक बायो गैस सिलेंडर के 41 फिलिंग और स्टोरेज प्लांट लगाने की मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक मांग को ध्यान में रखते हुए अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्यों को निर्धारित कोटा के अलावा मिट्टी के तेल मुहैया कराए जा रहे हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)