जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इनकम टैक्स दिवस के मौके पर शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभाग की तरफ से टैक्सपेयर्स की शिकायतों के निपटान में तेजी को तो सराहा, लेकिन दूसरी तरफ टैक्स से जुड़ी अपील के निपटान की धीमी प्रगति को देख गहरी चिंता जाहिर की।
उन्होंने कहा कि चार साल पहले हमने टैक्स अपील को निपटाने में तेजी लाने का काम शुरू किया था और अब भी लंबित अपील की संख्या 5.4 लाख है। निपटान की जो दर है उसे देखते हुए इसमें सौ साल लग जाएंगे।
पिछले चार साल में सिर्फ 34,000 टैक्स अपील का निपटान किया गया है। वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स विभाग को टैक्स अपील के निपटान के तरीके और गति की समीक्षा कर उन तरीकों को अपनाने का निर्देश दिया जिससे अपील की संख्या में तेजी से कमी आ सके। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में अपील की संख्या एक लाख से कम होनी चाहिए थी।
सीतारमण ने कहा कि टैक्सपेयर्स की शिकायतों के निपटान की दर तेज हुई है और रिफंड जारी करने का समय भी कम हुआ है, लेकिन अब भी इसमें और सुधार करने की गुंजाइश है। इस दिशा में भी इनकम टैक्स विभाग को काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, इसलिए उनके साथ टैक्स विभाग के कर्मियों का व्यवहार भी सद्भाव व सहयोग वाला होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस साल 21 जुलाई तक 3.2 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए हैं। इनमें से 94 प्रतिशत वेरिफायड हो चुके हैं और 60 प्रतिशत को प्रोसेस किया जा चुका है।
इनकम टैक्स रिफंड के लिए 1.3 करोड़ दावे किए गए हैं , इनमें से 96 प्रतिशत वेरिफायड हो चुके हैं और 40 प्रतिशत रिफंड प्रोसेस कर दिया गया है।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में सीपीग्राम पोर्टल पर इनकम टैक्स संबंधित 78,000 शिकायतें प्राप्त हुईं और इनमें से 94 प्रतिशत का निपटान किया गया। पहले टैक्सपेयर्स की शिकायतों को दूर करने में औसतन 57 दिन लगते थे जो अब 28 दिन रह गए हैं।