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इसराइल: नेतन्याहू जितनी ही सख़्त नीतियां, फिर भी अरब पार्टियों ने आइज़नकोट का क्यों किया समर्थन

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Nov 9, 2026


गादी आइज़नकोट और बिन्यामिन नेतन्याहू

इमेज कैप्शन, गादी आइज़नकोट के पक्ष में छह राजनीतिक दलों के कुल 67 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है, जबकि बिन्यामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत से काफ़ी कम समर्थन हासिल है (फ़ाइल फ़ोटो)

    • Author, रौनक भैड़ा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

इसराइल में नई सरकार के गठन की कवायद के बीच अरब राजनीतिक दलों ने पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइज़नकोट को समर्थन देने का फ़ैसला किया है. राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने भी उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है.

गादी आइज़नकोट के पास अब नई सरकार बनाने की कोशिश करने के लिए 28 दिन होंगे, जिनमें 14 दिन का संभावित विस्तार भी शामिल है.

इसराइल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन ज़रूरी है. आइज़नकोट के पक्ष में छह राजनीतिक दलों के कुल 67 सांसदों का समर्थन बताया जा रहा है.

वहीं, बिन्यामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत से काफ़ी कम समर्थन हासिल है. इसी वजह से राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार बनाने का पहला मौक़ा नहीं दिया.

हालांकि, आइज़नकोट की नीतियों को लेकर भी फ़लस्तीन समर्थक हलकों में सवाल उठते रहे हैं. वह नेतन्याहू की वॉर कैबिनेट का हिस्सा रह चुके हैं और फ़लस्तीन के मुद्दे पर उनकी नीतियां भी सख़्त मानी जाती हैं.

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