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ईपीएफ़ओ की वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई, जानिए क्या बदलेगा?

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Sep 17, 2026


ईपीएफ़ओ

इमेज स्रोत, Getty Images

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पढ़ने का समय: 4 मिनट

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ़ओ) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी है.

अब तक इसके लिए वेतन सीमा 15 हज़ार रुपये प्रति माह थी जिसे बढ़ाकर 25 हज़ार रुपये प्रति माह कर दिया गया है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फ़ैसले की जानकारी दी और इस प्रस्ताव को श्रम और रोज़गार मंत्रालय की ओर से सरकार को दिया गया था.

ईपीएफ़ओ के तहत मिलने वाले अनिवार्य कवरेज में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ़), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) और कर्मचारी मुफ़्त जीवन बीमा (ईडीएलआई) का लाभ मिलता है.

अब तक ये तीनों लाभ केवल 15 हज़ार रुपये तक की सैलरी वालों को मिलते थे जिसे बढ़ाकर 25 हज़ार कर दिया गया है. यानी अब 25 हज़ार रुपये तक की सैलरी वालों को भी इसका लाभ मिलेगा.

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25,000 रुपये की नई सीमा से क्या बदलेगा?

15,000 रुपये से 25,000 रुपये के वेतन बैंड में कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा ढांचे के दायरे में आ जाएगा.

ईपीएफ़ओ के तहत किन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलता है?

मंज़ूरी के बाद प्रभावी योजना के प्रावधानों के अनुसार भविष्य निधि बचत, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत पेंशन सुरक्षा और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (ईडीएलआई) के तहत बीमा सुरक्षा तक पहुंच का विस्तार होगा.

इस फ़ैसले का योगदान और पेंशन पर क्या असर होगा?

केंद्र सरकार का कहना है कि इससे वैधानिक योगदान और पेंशन-योग्य वेतन के ढांचे को मौजूदा वेतन स्तरों के हिसाब से बेहतर ढंग से ढालने में भी मदद मिलेगी.

सरकार के मुताबिक़, नई सीमा बढ़ते वेतन स्तर के अनुसार ईपीएफओ फ्रेमवर्क को अपडेट करेगी और वर्क फ़ोर्स के व्यापक वर्ग तक औपचारिक सामाजिक सुरक्षा के फ़ायदे पहुंचाएगी.

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सरकार पर कितना अतिरिक्त ख़र्च आएगा?

अनिवार्य सोशल सिक्योरिटी के लिए मौजूदा प्रावधान लगभग 10,250 करोड़ रुपये है. इस नए परिवर्तन के बाद ये बढ़कर लगभग 11,339 करोड़ रुपये हो जाएगा.

सरकार का कहना है कि पांच वर्षों में अनुमानित खर्च लगभग 56,696 करोड़ रुपये होगा.

ईपीएफ़ओ दुनिया के सबसे बड़े सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में से एक चलाता है. इसके तहत एम्प्लॉइज़ प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ़), एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (ईपीएस) और एम्प्लॉइज़ डिपॉज़िट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (ईडीएलआई) को मैनेज किया जाता है.

ईपीएफ़ओ के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, लगभग 7.68 लाख योगदान करने वाले संस्थानों में क़रीब 7.98 करोड़ सदस्य योगदान कर रहे हैं, जबकि ईपीएस लगभग 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन का लाभ देता है. ईडीएलआई, ईपीएफ़ मेंबरशिप से जुड़ी इंश्योरेंस सुरक्षा देता है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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