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“उजाले अपनी यादों के…”, उर्दू शायरी को महफ़िलों से निकालकर अवाम तक पहुँचाने वाले बशीर बद्र नहीं रहे

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May 28, 2026


मशहूर शायर बशीर बद्र

इमेज स्रोत, Mehtab Alam

इमेज कैप्शन, मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में भोपाल में निधन हो गया

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1971 में भारत पाकिस्तान समझौता (शिमला समझौता) हो रहा था. इसी दौरान जुल्फिकार अली भुट्टो ने इंदिरा गांधी को एक शेर अर्ज़ किया.

“दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जायें तो शर्मिंदा न हों.”

यह सुनकर इंदिरा गांधी ने कहा था कि हमारा शेर हमीं को अर्ज़ कर रहे हैं.

यह कहानी सुनाते हुए डॉ. अंजुम बाराबंकवी भावुक हो उठे.

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