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उर्वरक सब्सिडी पर अब तक 70709 करोड़ रुपये खर्च, अनुप्रिया पटेल ने संसद में दी जानकारी

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Jul 25, 2026


पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उर्वरक सब्सिडी की जरूरतें पूरी करने को पर्याप्त धन उपलब्ध है।

राज्यसभा में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि 13 जुलाई तक उर्वरक सब्सिडी पर 70,709 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो इस वर्ष के 1.77 लाख करोड़ रुपये के बजटीय प्रविधान का लगभग 39.9 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 सीजन के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना के तहत 41,533.81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका उद्देश्य फास्फेटिक और पोटाश उर्वरकों को किसानों के लिए सुलभ व किफायती बनाए रखना है।

सरकार ने खरीफ सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति के लिए वैश्विक निविदाओं के जरिये 42.7 लाख टन यूरिया की व्यवस्था की है।

ओमान के साथ पांच वर्ष का समझौता कर 45 लाख टन यूरिया आयात की योजना बनाई गई है। सरकार नए देशों से आयात बढ़ाकर आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने पर भी काम कर रही है।

देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 288.58 गीगावाट पहुंची

देश में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता जून 2026 तक 288.58 गीगावाट हो गई है, जो वर्ष 2014 में 76.38 गीगावाट थी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येस्सो नाइक ने लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

कहा, कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 162.15 गीगावाट सौर ऊर्जा, 57.44 पवन ऊर्जा, 11.75 बायो पावर और 57.24 गीगावाट जलविद्युत क्षमता है।

देश की कुल गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता 297.36 गीगावाट हो चुकी है। कहा, 2013-14 से 2025-26 के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 45.72 अरब डालर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) आया है।

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