• Sat. Jun 20th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

ऑपरेशन टाइगर के बाद ठाकरे गुट को एक और झटका, शिवसेना नेता का दावा- सांसदों के बाद अब विधायक भी बदलेंगे पाला

Byadmin

Jun 20, 2026


विनोद राठोड, मुंबई। ठाकरे गुट की शिवसेना के छह सांसदों द्वारा बगावत कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में जाने का फैसला करने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ की सफलता के बाद अब ठाकरे गुट के कुछ विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं और मानसून सत्र शुरू होने से पहले राज्य में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ सकता है, ऐसा दावा शिंदे गुट के शिवसेना विधायक बच्चू कडू ने किया है।

सांसदों के बाद विधायक भी करेंगे बगावत?

बच्चू कडू ने एकनाथ शिंदे की राजनीतिक रणनीति की सराहना करते हुए कहा कि सांसद आ चुके हैं, अब कुछ विधायकों के भी आने की संभावना है। शिंदे साहब की प्लानिंग बिल्कुल सटीक है। जो नेता और जनप्रतिनिधि भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हैं, वे अपने फैसले ले रहे हैं।

इस बीच, शिंदे गुट के नेताओं ने पहले भी दावा किया था कि ठाकरे गुट के कई सांसद और विधायक उनके संपर्क में हैं। इतना ही नहीं, ठाकरे गुट के 16 विधायकों के संपर्क में होने का दावा भी शिंदे गुट की ओर से किया गया था।

क्या है ‘ऑपरेशन टाइगर’?

पिछले कुछ दिनों से ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा महाराष्ट्र की राजनीति में जोर-शोर से हो रही है। खबरें हैं कि ठाकरे गुट के छह सांसदों ने अलग समूह बनाकर आगे चलकर शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की तैयारी दिखाई है। इन घटनाक्रमों के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।राजनीतिक गलियारों में इस पूरी प्रक्रिया को ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया गया है और इसे ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

ठाकरे गुट सतर्क

इन राजनीतिक घटनाओं के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित टूट की चर्चाओं को रोकने के लिए यह बैठक अहम साबित हो सकती है।वहीं, सांसदों की बगावत पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राऊत ने बागी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और शिंदे गुट की कड़ी आलोचना की है।

महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बड़ा उलटफेर?

एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना में यह दूसरी बड़ी राजनीतिक टूट मानी जा रही है। यदि सांसदों के बाद विधायक भी शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो ठाकरे गुट के सामने संगठनात्मक स्तर पर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि, विधायकों के संभावित प्रवेश को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में मानसून सत्र से पहले होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं।

By admin