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ऑपरेशन सिंदूर:एस-400 की लोकेशन के लिए Pak ने लगाया था एड़ी-चोटी का जोर, पूर्व एयर मार्शल ने क्या किया खुलासा? – Operation Sindoor Pakistan Pulled Out All Stops To Locate The S-400; What Did The Former Air Marshal Reveal?

Byadmin

Aug 28, 2026


ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली ने अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान के हवाई खतरों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब, सेवानिवृत्त वायु मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान इन एस-400 प्रणालियों का पता लगाने के लिए बेहद बेताब था। इसके लिए पाकिस्तान ने मई 2025  के दौरान भारत के भीतर जासूसों और स्लीपर सेल को सक्रिय कर दिया था। 

पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को लेकर क्या बताया? 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख जीतेंद्र मिश्रा थे। उन्होंने एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में, बताया कि एस-400 प्रणालियों की बदौलत पाकिस्तान के लड़ाकू विमान भारतीय सीमा के 200 किलोमीटर के दायरे में भी नहीं आ सके। 

‘एस-400 पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया’

एयर मार्शल ने कहा, ‘पाकिस्तानी यह पता लगाने के लिए बेताब थे कि ये एस-400 कहां हैं। उन्होंने हर मुमकिन तरीका अपनाया। उन्हें दूसरे देशों से सैटेलाइट से भी मदद मिल रही थी।’ हालांकि मिश्रा ने उन देशों का नाम नहीं लिया, लेकिन सेना के एक अधिकारी ने पहले ही साफ किया था कि चीन अपने ‘हर मौसम के साथी’ पाकिस्तान को रियल-टाइम इंटेलिजेंस जानकारी दे रहा था।

एयर मार्शल ने बताया, ‘जब भी वे (पाकिस्तान) हवा में उड़ान भरते, एस-400 उन्हें मार गिराता। उनके लिए एस-400 सबसे बड़ा खतरा था। एस-400 की लोकेशन का पता लगाने के लिए उन्होंने भारत के अंदर जासूसों और स्लीपर सेल को भी एक्टिवेट किया।’


 

क्यों खास है एस-400? 


  • भारत के सुदर्शन चक्र के नाम से मशहूर एस-400 एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है

  • उन्नत रडार और अवरोधन क्षमताओं से लैस एस-400 दूर से ही हवाई खतरों को पहचान कर उन्हें मार गिरा सकती है।

  • 2018 में, भारत और रूस ने पांच एस-400 प्रणालियों के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • इनमें से तीन सिस्टम पहले ही मिल चुके हैं और भारतीय वायु सेना में शामिल किए जा चुके हैं। चौथा स्क्वाड्रन इस साल जून में मिला था।

क्या सेना को युद्ध के दौरान कोई निर्देश मिले थे? 


एयर मार्शल  ने आगे कहा, ‘हमें यह निर्देश यह था कि कोई भी जान-माल का नुकसान नहीं होना चाहिए। हम नहीं चाहते कि आम नागरिक प्रभावित हों। केवल आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को ही इसका दंड मिलना चाहिए। हम युद्ध भड़काने वाला देश नहीं हैं। 



उन्होंने आगे कहा, ‘कोई प्रतिबंध नहीं था। युद्ध कैसे लड़ना है, यह तय करने का अधिकार सेना को ही दिया गया था।’ यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विपक्ष ने बार-बार आरोप लगाया है कि सरकार ने सशस्त्र बलों के हाथ बांध दिए थे।

पूजा स्थलों को भी निशाना बनाने की कोशिश की


पाकिस्तानी सेना ने नागरिक क्षेत्रों और गुरुद्वारों सहित पूजा स्थलों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया। तब यह निर्णय लिया गया कि भारत इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा और जवाबी कार्रवाई करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय वायु सेना ने सबसे पहले जमीनी रडारों और कमान एवं नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाकर पाकिस्तान की हवाई गतिविधियों का पता लगाने और समन्वय करने की क्षमता को ध्वस्त कर दिया। 

एस-400 ऑपरेटर ने क्या सवाल पूछा? 


वे सिर्फ हवाई रडार के जरिए ही देख सकते थे। मेरे एस-400 ऑपरेटर ने मुझसे पूछा कि क्या वह गोली चला सकता है। मैंने कहा, चलाओ। और जैसे ही उसने गोली चलाई, हमने उसे 314 किलोमीटर की दूरी पर मार गिराया। यह सैन्य इतिहास में सबसे लंबी दूरी से हवा में मार करने का रिकॉर्ड है।



महिला लड़ाकू पायलटों को लेकर क्या कहा? 


एयर मार्शल ने कहा कि इससे संघर्ष का संतुलन पूरी तरह बदल गया। भारत पाकिस्तान में कहीं भी हमला कर सकता था और पाकिस्तान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता था।’  पश्चिमी कमान के पूर्व प्रमुख ने यह भी खुलासा किया कि महिला लड़ाकू पायलटों ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लश्कर-ए-तैबा के मुरीदके मुख्यालय पर हमला किया, और उन्हीं पायलटों ने वापस जाकर 10 मई को हवाई अड्डों और कमान एवं नियंत्रण केंद्रों पर हमला किया। 

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