इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके फ़िलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 5 मिनट
व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 6 जून को भारत लौटेंगे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करेंगे.
अभिजीत दीपके फ़िलहाल अमेरिका में हैं. उन्होंने वहां पर बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया है.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत हुई थी.
इसके संस्थापक महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजी नगर के अभिजीत दीपके हैं. वो कुछ सालों तक आम आदमी पार्टी के साथ उनकी कम्युनिकेशन टीम में काम कर चुके हैं.
अभिजीत दीपके ने क्या घोषणा की है?
इमेज स्रोत, X/Cockroachisback
इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी थोड़े ही समय में पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर वीडियो जारी किया है. इसमें वो कह रहे हैं कि उन्होंने भारत लौटने का फ़ैसला किया है.
अभिजीत ने कहा, “मैं अपने देश और अपने घर भारत वापस लौट रहा हूं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगने के लिए. इतने दिन से हम सोशल मीडिया पर आवाज़ उठा रहे हैं कि पेपर लीक के कारण नीट के जिन बच्चों ने सुसाइड किया और लाखों स्टूडेंट्स की मेहनत बर्बाद हुई है उसके लिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना ही चाहिए”
“आठ लाख बच्चों ने हमारी पिटीशन पर साइन किया है, करोड़ों लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मांग का समर्थन किया है. देश में दिल्ली, लखनऊ और जयपुर समेत कई जगहों पर इसको लेकर प्रदर्शन भी हो रहे हैं, लेकिन फिर भी इनको कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा.”
“नीट के 22 लाख स्टूडेंट्स, सीबीएसई के 17 लाख स्टूडेंट्स, सीयूईटी के 16 लाख स्टूडेंट्स और एसएससी जीडी के 40 लाख स्टूडेंट्स, ऐसे एक करोड़ से ज़्यादा स्टूडेंट्स हैं जिनकी ज़िंदगी के साथ सिस्टम ने मज़ाक किया है. इसकी वजह से स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं और इसकी ज़िम्मेदारी किसी को तो लेनी ही होगी.”
अभिजीत दीपके ने कहा कि इतनी बड़ी ग़लती के बावजूद शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो इसका मतलब है कि देश में अकाउंटेबिलिटी नाम की चीज़ बची ही नहीं है. ऐसा लगता है कि सिस्टम जितनी चाहे उतनी ग़लतियां कर सकता है और उसके कुछ नतीजे नहीं होंगे. ऐसा कब तक चलेगा इसलिए वक़्त आ चुका है कि हम सबको साथ आना होगा और भारत के संविधान के रास्ते पर चलते हुए शांतिपूर्ण अपनी आवाज़ उठाते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करनी होगी.
उन्होंने कहा, “अगर हम साथ मिलकर आवाज़ उठाएंगे तो इनको हमारी बात माननी होगी. मैंने फ़ैसला किया है कि मैं 6 जून शनिवार को सुबह दिल्ली आऊंगा. आप सब मुझे एयरपोर्ट पर मिलिए. हम सब मिलकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे, वहां पर जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए अनुमति मांगेंगे.”
“भारत का संविधान हमें अधिकार देता है कि हम ग़लत के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण तरीक़े से आवाज़ उठा सकते हैं. उसी संविधान के मुताबिक़ हम अपनी आवाज़ उठाएंगे और मैं उम्मीद करता हूं कि जितने भी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक हैं और जितने भी युवा और स्टूडेंट्स इस सिस्टम से परेशान हैं, वो इस प्रदर्शन में शामिल होंगे. जिस-जिस को लगता है कि हमारे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए वो सभी लोग इस प्रदर्शन में शामिल हो जाएं.”
परिवार-दोस्तों को गिरफ़्तारी का डर
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके कहते हैं कि उन्हें अभी भी उम्मीद है कि आज भी भारत एक लोकतंत्र है
इसके अलावा अभिजीत दीपके ने कहा, “मेरे परिवार और दोस्तों को डर है कि मुझे एयरपोर्ट से ही गिरफ़्तार कर लेंगे और जेल भेज देंगे. मुझे अभी भी उम्मीद है कि आज भी हमारा देश एक लोकतंत्र है और हमें शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन करने की अनुमति मिल जाएगी.”
उन्होंने कहा, “मैं चाहता तो यहां अमेरिका में एक नौकरी लेकर आराम से रह सकता था. पिछले कुछ दिनों में मुझे कई जॉब ऑफ़र भी आए, लेकिन मैंने भारत वापस लौटने का फ़ैसला किया है क्योंकि मैं अपने देश से प्यार करता हूं. साथ ही मैं अपने देश के लिए कुछ करना चाहता हूं. हम सब आज जो कुछ भी हैं वो सब इसी देश की वजह से हैं और हमारी बारी है अपने देश के लिए कुछ करने की.”
उप-राष्ट्रपति ने भी किया ‘कॉकरोच’ का ज़िक्र
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को एक कार्यक्रम में ‘कॉकरोच’ का ज़िक्र किया
कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा राजनीतिक हलकों में भी जारी है. रविवार को केरल के कोट्टायम में उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मलयालम दैनिक अख़बार दीपिका के 140वें स्थापना दिवस समारोह में ‘कॉकरोच’ को लेकर एक बयान दिया.
उप-राष्ट्रपति ने कहा कि अगर सकारात्मक गतिविधियों और उपलब्धियों को ठीक से रिपोर्ट नहीं किया गया, तो युवा “कॉकरोच” के पीछे चले जाएंगे.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कंस्ट्रक्टिव जर्नलिज़्म समाज को गाइड करने और लोगों का भरोसा मज़बूत करने के लिए ज़रूरी है.
राधाकृष्णन ने कहा कि मीडिया में सकारात्मक डेवलपमेंट्स पर ज़्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि युवाओं को सही जानकारी और रोल मॉडल मिल सकें.
सत्तारुढ़ पार्टी बीजेपी के कुछ नेताओं ने खुलकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की निंदा की है.
बीजेपी के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ अभिजीत की तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, ”अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी यानी अरविंद केजरीवाल जी का कार्यकर्ता है, यह बोस्टन किसके पैसे से गया? क्या इसके रहने और खाने का खर्चा सोरोस फाउंडेशन दे रहा है? यह विपक्ष के लिए एक चेतावनी है, क्या आप देश तोड़ने के लिए विदेशी ताक़तों की मदद लेंगे?”
वहीं भारतीय जनता पार्टी के संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अभिजीत के कुछ ट्वीट का हवाला देकर उनके ख़िलाफ़ टिप्पणियां की हैं.
तेजिंदर बग्गा ने अभिजीत दीपके के एक पुराने ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा है, ”कॉकरोच अभिजीत दीपके भारत में मुस्लिम प्रधानमंत्री क्यों चाहते हैं.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.