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‘कोहिनूर’ से क्या है पानी में डूबे इस गांव का कनेक्शन, आज भी लोग तलाश रहे हैं हीरे

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Oct 19, 2026


ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक़, कम से कम 800 साल पहले कोल्लूर अपनी विश्व प्रसिद्ध हीरा खदान के लिए जाना जाता था.
इमेज कैप्शन, ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक़, कम से कम 800 साल पहले कोल्लूर अपनी विश्व प्रसिद्ध हीरा खदान के लिए जाना जाता था

जब सड़कों पर ढेर के ढेर हीरे बिकने की बात होती है, तो लोगों के मन में सबसे पहले विजयनगर साम्राज्य का नाम आता है.

दक्षिण भारत में आज भी लोग बताते हैं कि राया शासकों के दौर में हम्पी की सड़कों पर हीरों का कितना बड़ा कारोबार होता था. इसे लेकर फ़िल्में भी बनाई गई हैं.

लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी इलाक़े पर शासन करने वाला एक और साम्राज्य भी हीरों के कारोबार के लिए उतना ही मशहूर था.

यह था गोलकोंडा साम्राज्य, जिसकी राजधानी को आज हैदराबाद के नाम से जाना जाता है.

वो जगह जहां सबसे ज़्यादा हीरे मिलते थे

विजयनगर, बीजापुर और गोलकोंडा जैसे साम्राज्यों की पहचान हीरों के कारोबार से होने लगी थी.

इमेज कैप्शन, विजयनगर, बीजापुर और गोलकोंडा जैसे साम्राज्यों की पहचान हीरों के कारोबार से होने लगी थी

आज ज़्यादातर तेलुगू लोगों के लिए गोलकोंडा का मतलब केवल एक पुराना क़िला है. लेकिन अंग्रेज़ी भाषा में ‘गोलकोंडा’ शब्द का इस्तेमाल क़िस्मत और समृद्धि के लिए होने लगा. इसकी वजह समझना मुश्किल नहीं है.

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