जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मंच-माला-माइक के दौर से बहुत आगे निकलकर जब राजनीति और राजनीतिक विमर्श अब इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म से ही तय हो रहे हैं तो इसे लेकर सरकार भी पूरी संजीदा दिखाई दे रही है।
खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसे लेकर गंभीर हैं कि यदि युवाओं से पार्टी और सरकार का संवाद और संबंध मजबूत बनाए रखना है तो उनके सहित सभी मंत्रियों को भी इंटरनेट मीडिया के प्रमुख चार प्लेटफार्म फेसबुक, इंस्टा, लिंक्डइन और एक्स पर सक्रियता बढ़ानी होगी।
मंत्रियों को सौंपी गई परफार्मेंस लिस्ट
अब तक मंत्रियों का इस दिशा में क्या परफार्मेंस है, इसकी भी प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा रिपोर्ट तैयार कराई गई है, जो कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान बंद लिफाफे में मंत्रियों को थमाई गई। जाहिर तौ पर इसमें रैंकिंग भी थी।
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग के दौरान सभी मंत्रियों को एक-एक लिफाफा दिया गया। उन्हें बताया गया कि एक मई से लेकर 15 अगस्त तक इंटरनेट मीडिया के चार प्लेटफार्म पर मंत्रियों की सक्रियता, उनकी पोस्ट, मुद्दों को लेकर उनके रुख और टिप्पणी का लेखा-जोखा इस रिपोर्ट में है। यह खासतौर से पोस्ट को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया पर आधारित था।
विपक्षी नेताओं से भी तुलना
रिपोर्ट में यह तुलनात्मक निष्कर्ष भी था कि कौन मंत्री अपने समकक्ष मंत्रियों या विपक्षी दलों के नेताओं की तुलना में कहां है।
इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रियों को एक बार फिर इन आधुनिक संचार माध्यमों का महत्व समझाया और जोर दिया कि आज कल युवा पीढ़ी बहुत जागरूक है।
वह लगातार इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय है। जहां से, जो भी सूचना प्रसारित की जा रही है, वह उन तक पहुंच रही है।
मंत्रियों को सक्रिय रहने का निर्देश
कुछ भ्रामक तथ्य उन्हें भ्रमित कर सकते हैं, इसलिए सरकार का सजग होना आवश्यक है। मंत्रियों को चाहिए कि वह भी सक्रिय रहें और मुद्दों या विमर्श में सहभागी बनकर सही तथ्यों को इंटरनेट मीडिया पर रखें। चूंकि, मंत्री अधिकृत व्यक्ति हैं, इसलिए उनके तथ्यों की विश्वसनीयता भी अधिक होगी।